भेलूपुर और लोहता एसओ लाइनहाजिर, पुलिस आयुक्त ने की कार्रवाई, मातहतों को दी सख्त हिदायत 

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने क्राइम मीटिंग में थानाध्यक्षों की कार्यप्रणाली और क्राइम कंट्रोल की समीक्षा की। इस दौरान फिसड्डी पाए गए भेलूपुर एसओ सुधीर कुमार त्रिपाठी और लोहता थानाध्यक्ष राजबहादुर मौर्य को लाइनहाजिर कर दिया। निरीक्षक दुर्गा सिंह को भेलूपुर, दिगंबर उपाध्याय को लोहता थाना की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा सधुवन राम को चोलापुर और विकास कुमार मौर्या को कपसेठी थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट संदेश दिया कि जो उत्कृष्ट कार्य करेगा, वही थानाध्यक्ष रहेगा। 
 

वाराणसी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने क्राइम मीटिंग में थानाध्यक्षों की कार्यप्रणाली और क्राइम कंट्रोल की समीक्षा की। इस दौरान फिसड्डी पाए गए भेलूपुर एसओ सुधीर कुमार त्रिपाठी और लोहता थानाध्यक्ष राजबहादुर मौर्य को लाइनहाजिर कर दिया। निरीक्षक दुर्गा सिंह को भेलूपुर, दिगंबर उपाध्याय को लोहता थाना की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा सधुवन राम को चोलापुर और विकास कुमार मौर्या को कपसेठी थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट संदेश दिया कि जो उत्कृष्ट कार्य करेगा, वही थानाध्यक्ष रहेगा। 

अपराध समीक्षा के दौरान बीट आरक्षियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हुए डिजिटल सिस्टम के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया। ई-समन प्रणाली का शत-प्रतिशत उपयोग, यक्ष ऐप का प्रभावी संचालन और iGOT Karmayogi पोर्टल पर लंबित प्रशिक्षण को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे हर दो घंटे में पोर्टल की जांच कर समन का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करें।

पुलिस आयुक्त ने लंबित विवेचनाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सामान्य मामलों में 30 दिन और गंभीर मामलों में 45 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल की जाए। किसी भी मुकदमे को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा हो। साथ ही गोतस्करी, चोरी, धोखाधड़ी, एनडीपीएस और साइबर अपराध में लिप्त अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर और गुंडा एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

यातायात व्यवस्था सुधार के लिए Reducing Traffic Congestion (RTC) योजना के तहत चिन्हित दस प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखने और 30 अप्रैल तक जाम के समय में 25 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। 5E मॉडल के तहत जनजागरूकता, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग सुधार, अतिक्रमण हटाने और ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए गए।

इसके अलावा महिला अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति, अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान, व्यापारियों एवं आमजन के साथ नियमित संवाद और घटनाओं की तत्काल सूचना देने पर भी बल दिया गया। गर्मी को देखते हुए अग्निशमन इकाइयों को भी सतर्क रहने और संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए। गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी, थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।


कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर दिया जोर 
सैनिक सम्मेलन में पुलिस आयुक्त ने कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि पहले से लंबित सभी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और नई समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए। एनपीएस, आवास, बुनियादी सुविधाएं और कर्मचारी कल्याण से जुड़े मामलों पर संबंधित शाखाओं को शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए गए। साथ ही थानों में आवास, शौचालय और कार्यालय संबंधी कमियों को सूचीबद्ध कर चरणबद्ध तरीके से दूर करने की बात कही गई।