जीवितपुत्रिका से पहले फलों से सजे बाजार, संतान की लंबी उम्र के लिए माताएं रखेंगी कठिन व्रत
शहर से गांव तक बढ़ी फल और पूजन सामग्री की मांग, संतान की मंगलकामना के लिए 24 घंटे तक निराजल रहकर आराधना करेंगी माताएं
संतान की लंबी आयु और स्वस्थ जीवन की कामना से रखा जाता है जिउतिया व्रत, पर्व को लेकर फल विक्रेताओं ने जगह-जगह सजाईं दुकानें
पूजा-अर्चना के बाद पारंपरिक तरीके से किया जाता है व्रत का पारण, माताओं की ममता, समर्पण और आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है जितिया
रिपोर्ट - ओमकार नाथ
वाराणसी। संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर मनाए जाने वाले जितिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत को लेकर वाराणसी में तैयारियां तेज हो गई हैं। पर्व से पहले शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बाजार फलों और पूजन सामग्री से सज गए हैं। सुबह से ही दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है। व्रत को लेकर माताओं में उत्साह है और परिवार के सदस्य भी पूजन के लिए जरूरी सामग्री जुटाने में लगे हैं।
निराजल व्रत में संतान की मंगलकामना
जितिया को जीवित्पुत्रिका व्रत के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार माताएं संतान की दीर्घायु, स्वस्थ जीवन और सुख-समृद्धि की कामना से यह कठिन व्रत रखती हैं। व्रत के दौरान श्रद्धालु महिलाएं विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर संतान के मंगल की कामना करती हैं। इसकी प्रमुख विशेषता निराजल व्रत है। कई महिलाएं करीब 24 घंटे तक अन्न और जल का त्याग कर व्रत रखती हैं। व्रत पूरा होने के बाद परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना कर पारण किया जाता है।
फल बाजार में बढ़ी रौनक
पर्व नजदीक आते ही वाराणसी के प्रमुख बाजारों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी फल विक्रेताओं ने दुकानें सजा ली हैं। विभिन्न प्रकार के फल बिक्री के लिए मंगाए गए हैं। जितिया व्रत के कारण फलों की मांग बढ़ने से बाजार में रौनक बढ़ गई है। लोग अपनी जरूरत के अनुसार फल और पूजन सामग्री खरीद रहे हैं।
गांवों में भी दिख रहा पर्व का उत्साह
ग्रामीण क्षेत्रों में जितिया को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर फल और पूजन सामग्री की अस्थायी दुकानें भी लगाई गई हैं। महिलाएं व्रत से संबंधित सामग्री की खरीदारी कर रही हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी खरीदारी में सहयोग कर रहे हैं।