बरेका ने बनाया नया रिकॉर्ड, एक वर्ष में 572 रेल इंजनों का निर्माण
वाराणसी। बरेका ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में 572 रेल इंजनों का निर्माण कर नया इतिहास रच दिया है। यह अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन है, जिसने न केवल बरेका की तकनीकी क्षमता को साबित किया है, बल्कि भारतीय रेल के आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी दर्ज की है।
इस ऐतिहासिक सफलता पर बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने गुरुवार को कार्यशाला पहुंचकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि को टीम वर्क, समर्पण और उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति का परिणाम बताया। इस दौरान उन्होंने कार्यशाला परिसर में नवनिर्मित उद्यान का उद्घाटन भी किया, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति बरेका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बरेका ने पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक उत्पादन दर्ज किया है। उपलब्ध कार्य दिवसों के आधार पर प्रतिदिन औसतन 1.9 रेल इंजनों का निर्माण कर संस्थान ने अपनी कार्यकुशलता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।
इस वर्ष कुल 558 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण किया गया, जो रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित 553 के लक्ष्य से अधिक है। इनमें 401 WAG-9, 143 WAP-7 और 14 अमृत भारत (WAP-7) इंजन शामिल हैं। इसके अलावा बरेका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत करते हुए मोजाम्बिक को 10 रेल इंजनों का निर्यात किया। साथ ही गैर-रेलवे ग्राहकों के लिए 4 डीजल इंजनों का निर्माण भी किया गया।
स्थापना से मार्च 2026 तक बरेका ने कुल 11,259 रेल इंजनों का निर्माण किया है, जिनमें 2,925 विद्युत इंजन शामिल हैं। यह आंकड़ा भारतीय रेल के विकास में बरेका की अहम भूमिका को दर्शाता है।
इन-हाउस निर्माण में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। विद्युत शेल निर्माण में 93 प्रतिशत, एचएचपी टर्बो ओवरहॉलिंग में 20 प्रतिशत, पावर असेंबली में 186 प्रतिशत और वाटर पंप असेंबली में 482 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए बरेका को 642 विद्युत रेल इंजनों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें 166 अमृत भारत इंजन शामिल हैं। साथ ही विभिन्न कंपोनेंट्स के निर्माण और ओवरहॉलिंग के भी महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।