रिंग रोड-3 के गंगा पुल पर भारी वाहनों पर रोक, हादसों के मद्देनजर प्रशासन ने लिया निर्णय

रिंग रोड-3 के अंतर्गत बभनपुर गांव के पास गंगा नदी पर बने पुल पर बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा कारणों से इस पुल पर भारी वाहनों (ट्रक और बसों) के आवागमन को अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।
 

वाराणसी। रिंग रोड-3 के अंतर्गत बभनपुर गांव के पास गंगा नदी पर बने पुल पर बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा कारणों से इस पुल पर भारी वाहनों (ट्रक और बसों) के आवागमन को अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।

सोमवार रात से लागू इस निर्णय के बाद कार्यदायी संस्था ने पुल के एक छोर पर मजबूत बैरियर लगा दिए हैं। हालांकि, कार और बाइक जैसे हल्के वाहनों को पहले की तरह आवागमन की अनुमति दी गई है। एनएचएआई द्वारा चालकों की सुविधा के लिए संदहा चौराहे और गंगा पुल के पास दिशा-निर्देश बोर्ड भी लगाए गए हैं, ताकि भारी वाहन पहले ही अपना मार्ग बदल सकें।

गौरतलब है कि जून 2025 में यातायात के लिए खोले गए करीब दो किलोमीटर लंबे इस पुल पर पिछले कुछ समय से दुर्घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ी थी। अधिशासी अभियंता आरआर मिश्रा के अनुसार, प्रशासन के विशेष अनुरोध पर जनहानि रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है। जब तक पुल की दूसरी लेन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक यह प्रतिबंध जारी रह सकता है।

यह पुल आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर और जौनपुर जैसे पूर्वांचल के जिलों को चंदौली, भदोही और बिहार-झारखंड से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। प्रतिबंध के चलते अब आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर की ओर से आने वाले ट्रकों को गाजीपुर-गहमर-बक्सर मार्ग से होकर बिहार जाना पड़ेगा, जिससे यात्रा दूरी और समय दोनों बढ़ेंगे।

ट्रक चालकों का कहना है कि लंबे रूट के कारण न केवल समय पर माल पहुंचाना मुश्किल हो गया है, बल्कि डीजल की खपत बढ़ने से आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। वहीं, स्थानीय पुलिस और प्रशासन का तर्क है कि संकरी सड़क और सिंगल लेन पर भारी वाहनों के दबाव के कारण हादसे हो रहे थे, जिन्हें रोकने के लिए यह फैसला जरूरी था।