भैरवी संग बाबा लाट भैरव ने खाई खिचड़ी, भंडारे में उमड़ा आस्था का सैलाब

विवाहोत्सव के बाद रविवार को कज्जाकपुरा स्थित अनादिकालेश्वर बाबा श्री कपाल भैरव यानी लाट भैरव का खिचड़ी खवइया उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। श्री कपाल भैरव-लाट भैरव प्रबंधक समिति के तत्वावधान में आयोजित उत्सव में बाबा ने माता भैरवी के साथ खिचड़ी का भोग ग्रहण किया। विशेष पूजा-अर्चना और श्रृंगार के बाद आयोजित वृहद भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
 

खिचड़ी खवइया पर हुआ बाबा का भव्य श्रृंगार, भैरवी कूप भी सजा; सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ पंच दिवसीय उत्सव का समापन

वाराणसी। विवाहोत्सव के बाद रविवार को कज्जाकपुरा स्थित अनादिकालेश्वर बाबा श्री कपाल भैरव यानी लाट भैरव का खिचड़ी खवइया उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। श्री कपाल भैरव-लाट भैरव प्रबंधक समिति के तत्वावधान में आयोजित उत्सव में बाबा ने माता भैरवी के साथ खिचड़ी का भोग ग्रहण किया। विशेष पूजा-अर्चना और श्रृंगार के बाद आयोजित वृहद भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।


खिचड़ी खवइया के अवसर पर बाबा के विग्रह पर सजे रजत मुखौटे की आभा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। विविध पूजन सामग्री से बाबा का भव्य श्रृंगार कर पूड़ी-सब्जी, खिचड़ी, खीर, चटनी समेत विभिन्न व्यंजनों का भोग लगाया गया। मंदिर के सामने स्थित भैरवी कूप को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया। माता भैरवी को लाल वस्त्रों से सजाया गया था।


मां अन्नपूर्णा का स्मरण कर शुरू हुआ भंडारा
समिति के प्रधानमंत्री मुन्नालाल यादव ने मां अन्नपूर्णेश्वरी का स्मरण कर वृहद भंडारे का शुभारंभ कराया। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण शुरू हुआ। मंदिर परिसर के आसपास देर रात तक भक्तों की कतार लगी रही। पंक्तिबद्ध होकर श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भीड़ बढ़ने के कारण सुरक्षा और व्यवस्था संभालने में सुरक्षाकर्मियों को मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंजता रहा।


विधि-विधान से हुई आरती
उत्सव के दौरान धूप, दीप, पुष्प, कपूर, जल और चंवर से बाबा लाट भैरव की विधिवत आरती उतारी गई। श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। विवाहोत्सव के बाद आयोजित खिचड़ी खवइया की परंपरा में भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
उत्सव के दूसरे दिन रामबाग में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। नृत्यांगनाओं की प्रस्तुतियों ने दर्शकों और श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। देर तक चले कार्यक्रमों के बाद पंच दिवसीय आयोजन का विधिवत समापन हुआ।


कार्यक्रम में डॉ. नीलकंठ तिवारी, आलोक श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, योगेश सिंह बबलू, अध्यक्ष रोहित जायसवाल, उपाध्यक्ष बसंत सिंह राठौर, मंत्री विक्रम सिंह राठौर, कोषाध्यक्ष छोट्टन केशरी, नंदलाल प्रजापति, बच्चे लाल बिंद, हिमांशु अग्रहरि, मीडिया प्रभारी शिवम अग्रहरि, आशीष कुशवाहा, अविनाश कुशवाहा, महेंद्र जायसवाल और निक्की जायसवाल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु व समिति पदाधिकारी मौजूद रहे।