बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, 13 राहत शिविरों में 935 प्रभावित लोग, 32 नावों से राहत-बचाव कार्य जारी
वाराणसी। गंगा एवं वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर और वरुणा के तटवर्ती क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) ने बताया कि केन्द्रीय जल आयोग से प्राप्त अधिकृत आंकड़ों के अनुसार शनिवार शाम चार बजे गंगा नदी का जलस्तर 70.12 मीटर दर्ज किया गया। गंगा का चेतावनी जलस्तर 70.26 मीटर, खतरे का जलस्तर 71.26 मीटर और उच्चतम बाढ़ स्तर 73.90 मीटर निर्धारित है। जलस्तर में वृद्धि तथा वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों में जलभराव को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर निरंतर नजर रख रहा है।
उन्होंने बताया कि जनपद के लगभग 11 मोहल्ले एवं वार्ड आंशिक रूप से बाढ़ प्रभावित हुए हैं। वरुणा नदी की बाढ़ से कुल 328 परिवारों के 1388 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों को आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। वर्तमान में जिले में 13 बाढ़ राहत शिविर क्रियाशील हैं, जहां 219 प्रभावित परिवारों के 935 लोग रह रहे हैं।
राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। यहां दिन में तीन समय पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त बिस्तर, प्रकाश, स्वच्छता और आवश्यक चिकित्सीय सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंदों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दूध, फल सहित अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन ने पर्याप्त संख्या में राशन किट भी तैयार रखी हैं। जरूरत के अनुसार प्रभावित परिवारों को राशन किट और अन्य राहत सामग्री वितरित की जा रही है। वहीं प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन तथा राहत-बचाव कार्यों को सुचारु बनाए रखने के लिए 32 नावों की व्यवस्था की गई है। इनके माध्यम से जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। नाव संचालन में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
प्रशासन द्वारा गंगा-वरुणा के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारी तटवर्ती क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं और आवश्यकता के अनुसार नदी मार्ग से भी स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, जल पुलिस, एनडीआरएफ सहित संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। प्रशासन ने सभी आवश्यक संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जलस्तर में वृद्धि होने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।