नव वर्ष पर गुलजार हुआ अस्सी घाट, दोपहर बाद बढ़ी सैलानियों की भीड़, गंगा में नौकायन का लिया आनंद 

नववर्ष 2026 के पहले दिन 1 जनवरी को काशी का प्रसिद्ध अस्सी घाट उत्सव और उल्लास का संगम बन गया। दोपहर बाद अचानक घाट पर लोगों की भीड़ इस कदर बढ़ी कि लगभग तीन बजे तक हालात ऐसे हो गए मानो तिल रखने की भी जगह न बची हो। साल के पहले दिन अवकाश होने के चलते लोग परिवार, बच्चों और मित्रों के साथ बड़ी संख्या में गंगा दर्शन के लिए घाटों की ओर निकल पड़े। लोगों ने गंगा में नौकायन का भी आनंद लिया। 
 

वाराणसी। नववर्ष 2026 के पहले दिन 1 जनवरी को काशी का प्रसिद्ध अस्सी घाट उत्सव और उल्लास का संगम बन गया। दोपहर बाद अचानक घाट पर लोगों की भीड़ इस कदर बढ़ी कि लगभग तीन बजे तक हालात ऐसे हो गए मानो तिल रखने की भी जगह न बची हो। साल के पहले दिन अवकाश होने के चलते लोग परिवार, बच्चों और मित्रों के साथ बड़ी संख्या में गंगा दर्शन के लिए घाटों की ओर निकल पड़े। लोगों ने गंगा में नौकायन का भी आनंद लिया। 
 
घाट की ओर आने वाले वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई। आसपास बने सभी वाहन स्टैंड कुछ ही देर में पूरी तरह भर गए। दोपहिया और चारपहिया वाहनों को खड़ा करने तक की जगह नहीं बची, जिससे यातायात व्यवस्था पर खासा दबाव देखने को मिला। कई लोगों को मजबूरन अपने वाहन काफी दूर पार्क कर पैदल ही घाट तक पहुंचना पड़ा। 

अस्सी घाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने गंगा दर्शन के साथ-साथ नौका विहार का भी भरपूर आनंद लिया। गंगा में चल रही नावें पूरी तरह भरी हुई नजर आईं। परिवार के साथ आए लोग नावों के माध्यम से अस्सी घाट से दशाश्वमेध घाट तक भ्रमण करते दिखे। वहीं युवा वर्ग और बच्चे नववर्ष के उल्लास में तस्वीरें और वीडियो बनाते हुए इस पल को यादगार बनाते नजर आए। गंगा की लहरों पर तैरती नावें और घाट पर उमड़ी भीड़ ने मनोरम दृश्य प्रस्तुत किया।

भीड़ अत्यधिक होने के कारण घाट तक पहुंचने में लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। घाट की सीढ़ियों और किनारों पर लगातार लोगों की आवाजाही बनी रही। कई स्थानों पर भीड़ के कारण रुकावटें भी उत्पन्न हुईं, लेकिन लोग धैर्य बनाए हुए आगे बढ़ते रहे। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना से बचने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया।

पुलिसकर्मी लगातार घाट क्षेत्र में चक्रमण करते रहे और लोगों से सुरक्षित तरीके से आने-जाने की अपील करते रहे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस की मुस्तैदी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही।