बिजली कनेक्शन के बदले मांगी रिश्वत, एंटी करप्शन टीम ने जेई को पैसे लेते रंगे हाथ पकड़ा

भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वाराणसी में एंटी करप्शन टीम ने बिजली विभाग के एक अवर अभियंता (जेई) को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। आरोपी पर नए मकान के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
 

वाराणसी। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वाराणसी में एंटी करप्शन टीम ने बिजली विभाग के एक अवर अभियंता (जेई) को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। आरोपी पर नए मकान के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।

कैंट थाना क्षेत्र के टकटकरपुर निवासी अमित कुमार श्रीवास्तव ने अपने निर्माणाधीन मकान के लिए अस्थायी विद्युत कनेक्शन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन आवेदन किया था। आरोप है कि विद्युत उपखंड पांडेयपुर में तैनात अवर अभियंता सुखदेव स्वरूप रस्तोगी ने कनेक्शन स्वीकृत करने के एवज में 22 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता से कहा गया कि वह निर्धारित रकम लेकर उसके बताए स्थान पर पहुंचे, तभी कनेक्शन जारी किया जाएगा।

रिश्वत की मांग से परेशान अमित कुमार श्रीवास्तव ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन संगठन से की। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने प्राथमिक जांच कर आरोपों की पुष्टि की और फिर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। निरीक्षक उमाशंकर यादव के नेतृत्व में एंटी करप्शन टीम ने पूरा जाल बिछाया और शिकायतकर्ता को निर्धारित रकम के साथ भेजा।

शुक्रवार सुबह जैसे ही जेई सुखदेव स्वरूप रस्तोगी ने शिकायतकर्ता से 22 हजार रुपये लिए, पहले से निगरानी कर रही टीम ने उसे तत्काल दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम ने नियमानुसार केमिकल टेस्ट कराया। आरोपी के हाथ धुलवाए जाने पर पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे यह प्रमाणित हो गया कि उसने रिश्वत की रकम को हाथ लगाया था।

टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर कैंट थाने लाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस और एंटी करप्शन विभाग आगे की विधिक कार्रवाई में जुटे हैं।