आंध्र आश्रम में श्रीराम-जानकी विवाहोत्सव की छटा, हल्दी-कुमकुम का हुआ लोकाचार, गूंजे मंगलगीत 

काशी के केदार तीर्थ क्षेत्र स्थित श्री राम तारक आंध्र आश्रम में चल रहे द्वादश दिवसीय श्री राम पट्टाभिषेक महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को श्रीराम-जानकी परिणयोत्सव अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव के नौवें दिन रामालय मंडप में दक्षिण भारतीय परंपराओं के अनुसार भगवान श्रीराम और माता जानकी के विवाह का दिव्य आयोजन किया गया, जिसमें वैदिक विधि-विधान और लोकाचार का सुंदर संगम देखने को मिला।
 

वाराणसी। काशी के केदार तीर्थ क्षेत्र स्थित श्री राम तारक आंध्र आश्रम में चल रहे द्वादश दिवसीय श्री राम पट्टाभिषेक महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को श्रीराम-जानकी परिणयोत्सव अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव के नौवें दिन रामालय मंडप में दक्षिण भारतीय परंपराओं के अनुसार भगवान श्रीराम और माता जानकी के विवाह का दिव्य आयोजन किया गया, जिसमें वैदिक विधि-विधान और लोकाचार का सुंदर संगम देखने को मिला।

विवाहोत्सव के दौरान यज्ञ मंडप में विद्वान पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ‘विवाह कल्याणम’ की सभी रस्में पूरी कराईं। भगवान श्रीराम और माता सीता की चल प्रतिमाओं को वर-वधू के आसन पर स्थापित कर उनका विधिवत पूजन किया गया। दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार मंगलसूत्र धारण, कंकण बंधन, तालंब्रालू जैसे अनुष्ठान भी सम्पन्न कराए गए। इस पावन अवसर पर विद्वान आचार्य श्री श्याम शास्त्री और बुद्ध शर्मा ने पूरे अनुष्ठान को विधिपूर्वक संपन्न कराया।

विवाह समारोह के दौरान सुहागिन महिलाओं ने मंगलगीतों के बीच हल्दी-कुंकुम की पारंपरिक रस्में निभाईं। उनके द्वारा रचा गया रंगोत्सव इतना मनोहारी था कि पूरा मंडप लाल-पीले रंगों से सजा हुआ प्रतीत हुआ। मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का अद्भुत वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं के बीच दिनभर प्रसाद वितरण का क्रम भी चलता रहा।

महोत्सव एवं यज्ञ के मुख्य आचार्य उलीमिरि सोमायजुलू ने बताया कि शनिवार को भगवान श्रीराम का भव्य पट्टाभिषेक एवं राज्यारोहण कराया जाएगा। इस विशेष अनुष्ठान के लिए देश की विभिन्न पवित्र नदियों, सागर और रामेश्वरम धाम के प्रमुख कुंडों का जल मंगाया गया है, जिससे अभिषेक किया जाएगा।

इस पूरे महोत्सव के मुख्य यजमान वीवी सुंदर शास्त्री रहे, जबकि आयोजन का संयोजन आश्रम के प्रबंधक वीवी सीताराम ने किया। कार्यक्रम में तुलसी गजानन जोशी, तुलसी मनोज जोशी, अपला नारासाय्या, दीपक कुमार सिंह, शिव शर्मा, सीवीबी सुब्रह्मण्यम और धुलीपाल नारायण सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।