रामनगर में बेकाबू हाथी का तांडव, महावत को पटका, लगे 50 टांके, दुकानें और बिजली के खंभे तोड़े, राम-रावण युद्ध रुका, काबू करने में जुटी 200 लोगों की टीम
वाराणसी। रामनगर के पंचवटी मैदान में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक हाथी अचानक बेकाबू हो गया। मैदान से निकलकर सड़क पर पहुंचे हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। कई दीवारों और दुकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जबकि पेड़ और बिजली के खंभे भी उखाड़ दिए। हाथी को नियंत्रित करने पहुंचे महावत छापलू को उसने सूंड से उठाकर पटक दिया। गंभीर रूप से घायल महावत को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसे करीब 50 टांके लगाए गए। फिलहाल उसकी हालत काबू में बताई जा रही है। हाथी के उत्पात के चलते रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला में राम-रावण युद्ध का मंचन रोकना पड़ा। वन विभाग, एनडीआरएफ और पुलिस की टीम हाथी को काबू करने में जुटी रही।
खाना देने जाते समय भड़का हाथी
रविवार सुबह करीब 10:30 बजे महावत तीन हाथियों को खाना देने जा रहा था। इसी दौरान एक हाथी अचानक भड़क गया और मैदान से बाहर निकलकर सड़क पर दौड़ने लगा। रास्ते में आने वाली वस्तुओं को सूंड से उठाकर फेंकने लगा। हाथी के उत्पात से लोगों में दहशत फैल गई और लोग जान बचाकर भागने लगे।
दो किलोमीटर के दायरे में बैरिकेडिंग
घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया। संबंधित इलाके की बिजली आपूर्ति भी एहतियातन बंद कर दी गई। वन विभाग, पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य विभागों के करीब 200 लोग हाथी को सुरक्षित तरीके से काबू करने में जुटे हैं। उसे शांत करने के लिए गोरखपुर चिड़ियाघर से जाइलाजीन इंजेक्शन भी मंगाया गया है।
राम-रावण युद्ध की लीला पर संकट
हाथी के बेकाबू होने से रामनगर की रामलीला का आयोजन भी प्रभावित हुआ। रविवार को भगवान श्रीराम और रावण के युद्ध का प्रसंग होना था, लेकिन सुरक्षा कारणों से मंचन शुरू नहीं हो सका। स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम सात बजे तक हाथी के नियंत्रित होने का इंतजार किया जाएगा। स्थिति सामान्य नहीं होने पर उस दिन की लीला स्थगित करनी पड़ सकती है।
अयोध्या से रामलीला देखने पहुंचे महंत धनुर्धारी महाराज ने कहा कि रामनगर की रामलीला के इतिहास में कभी लीला नहीं रुकी है। उन्होंने कहा कि मंचन नहीं हो पाने की स्थिति में भी भगवान की आरती की परंपरा निभाई जाती है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता हाथी को सुरक्षित नियंत्रित कर किसी अन्य अप्रिय घटना को रोकना है।