मत्स्य पालकों के लिए ‘अमृत सरोवर’ बना आय का नया स्रोत
वाराणसी मंडल में कुल 208 अमृत सरोवरों में 30.96 लाख मत्स्य बीज संचय किया गया है
अमृत सरोवर अब आजीविका के स्थायी साधन के रूप में अहम् भूमिका निभा रहा
236.68 हेक्टेयर का 208 सरोवर मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर आवंटित है
वाराणसी। योगी सरकार द्वारा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए बनाए गई अमृत सरोवर योजना अब स्थानीय मत्स्य पालकों के लिए “धनवर्षा” साबित हो रही हैं। वाराणसी मंडल के चार जिलों वाराणसी, जौनपुर, चंदौली और गाजीपुर में कुल 208 अमृत सरोवरों में 30.96 लाख से अधिक मत्स्य बीज संचय किया गया है। इससे क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।
बढ़ेगा उत्पादन, मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
उप निदेशक मत्स्य सुरेश कुमार के अनुसार, बड़े पैमाने पर किए गए मत्स्य बीज संचय से आने वाले समय में मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे स्थानीय मत्स्य पालकों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। जल संरक्षण के उद्देश्य से निर्मित अमृत सरोवर अब आजीविका के स्थायी साधन के रूप में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। योजनाबद्ध तरीके से मत्स्य पालन को इसी प्रकार प्रोत्साहन मिलता रहा तो काशी मंडल मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सकता है। यह पहल जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
मंडल के विभिन्न जिलों में अमृत सरोवरों का पट्टे पर आवंटन इस प्रकार किया गया है
चंदौली : 90 अमृत सरोवर
गाजीपुर : 47 अमृत सरोवर
जौनपुर : 30 अमृत सरोवर
वाराणसी : 41 अमृत सरोवर
इन सभी 208 सरोवरों का कुल क्षेत्रफल 236.68 हेक्टेयर है, जिन्हें मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर आवंटित किया गया है।