कड़ी सुरक्षा के बीच निकला छित्तूपुर का ताजिया जुलूस, गंगा-जमुनी तहजीब की दिखी झलक
वाराणसी। मोहर्रम की 10वीं तारीख (यौमे आशूरा) पर लंका क्षेत्र के छित्तूपुर गेट से निकला पारंपरिक ताजिया जुलूस शुक्रवार को पूरी अकीदत, अनुशासन और धार्मिक श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए ताजिया अपने निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां मातमी रस्मों और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ जुलूस का समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान शहर में शांति, सौहार्द और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।
सुबह से ही छित्तूपुर गेट पर अकीदतमंदों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। ताजिया उठने के बाद जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग से आगे बढ़ा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। मातमी दस्तों ने नौहा-ख्वानी और सीना-ज़नी के माध्यम से कर्बला के शहीदों, विशेष रूप से हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कुर्बानी को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश किया। जुलूस के मार्ग में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा शर्बत, पेयजल एवं अन्य सेवा शिविर लगाए गए, जहां श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया।
मोहर्रम के इस महत्वपूर्ण आयोजन को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल, पीएसी तथा क्विक रिस्पॉन्स टीम की तैनाती की गई। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से पूरे जुलूस की लगातार निगरानी की गई। वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी स्वयं विभिन्न स्थानों पर मौजूद रहकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पहले से तैयार ट्रैफिक प्लान लागू किया गया। जुलूस के गुजरने वाले मार्गों पर आवश्यकतानुसार यातायात का डायवर्जन किया गया, जिससे आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो। पुलिस कर्मियों के साथ स्वयंसेवकों ने भी भीड़ नियंत्रण और जुलूस को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रशासन की सतर्कता, पुलिस की मुस्तैदी और दोनों समुदायों के आपसी सहयोग के चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की सूचना नहीं मिली। वाराणसी ने एक बार फिर अपनी गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की परंपरा को कायम रखते हुए मोहर्रम का यह पारंपरिक जुलूस शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कर देश के सामने भाईचारे की मिसाल पेश की। आयोजन के सफल संपादन पर प्रशासन ने ताजियादारों, स्वयंसेवकों और शहरवासियों के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।