मणिकर्णिका घाट पर मंदिर तोड़े जाने के आरोप बेबुनियाद, एआई का इस्तेमाल कर जनता को किया जा रहा भ्रमित : रविंद्र जायसवाल
वाराणसी। प्रदेश सरकार के स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने मणिकर्णिका घाट पर मंदिर तोड़े जाने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जानबूझकर मनगढ़ंत बातें फैला रहे हैं और सोशल मीडिया के जरिए एआई तकनीक का इस्तेमाल कर जनता को भ्रमित किया जा रहा है।
राज्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मणिकर्णिका घाट पर किसी भी मंदिर या मूर्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि सभी मूर्तियां पूरी तरह सुरक्षित हैं और घाटों के पुनर्विकास कार्य के पूर्ण होने के बाद उन्हें भव्य स्वरूप में पुनः स्थापित किया जाएगा। मंत्री ने चेतावनी दी कि इस तरह की अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास के तहत कुल 38 प्लेटफार्म का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि शवदाह प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाया जा सके। यह परियोजना करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस कार्य से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी और घाट की व्यवस्था पहले से अधिक सुव्यवस्थित होगी।
राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विकास कार्यों के दौरान परंपराओं और आस्था का पूरा सम्मान रखा जा रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे किसी भी तरह की भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।