वाराणसी में अखिलेश यादव: मेट्रो का वादा, दालमंडी पर सवाल, धीरेंद्र शास्त्री पर बुलडोजर एक्शन की मांग और चुनाव लड़ने पर क्या बोले?
वाराणसी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने 2027 में सपा सरकार बनने पर बनारस में मेट्रो चलाने और वरुणा नदी को साबरमती से बेहतर बनाने का वादा किया। वहीं, दालमंडी में बुलडोजर कार्रवाई, मणिकर्णिका घाट, किसानों के मुआवजे और बुनकरों की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने एमएलसी चुनाव की मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यक्रम रद्द करने की मांग की और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर भी टिप्पणी की। हालांकि, सबसे अधिक चर्चा उनके उस जवाब की रही, जो उन्होंने 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर दिया।
- काशी पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर विकास और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई आरोप लगाए
- विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया, जबकि मेट्रो, किसानों, बुनकरों और धार्मिक मुद्दों पर खुलकर बोले
वाराणसी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने 2027 में सपा सरकार बनने पर बनारस में मेट्रो चलाने और वरुणा नदी को साबरमती से बेहतर बनाने का वादा किया। वहीं, दालमंडी में बुलडोजर कार्रवाई, मणिकर्णिका घाट, किसानों के मुआवजे और बुनकरों की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने एमएलसी चुनाव की मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यक्रम रद्द करने की मांग की और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर भी टिप्पणी की। हालांकि, सबसे अधिक चर्चा उनके उस जवाब की रही, जो उन्होंने 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर दिया।
क्या विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे अखिलेश यादव?
पत्रकारों ने जब अखिलेश यादव से पूछा कि क्या वह आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने सीधे हां या ना में जवाब नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि वह शुभ-लाभ देखकर काम करते हैं। अखिलेश ने याद दिलाया कि वह पहले भी विधानसभा चुनाव लड़े बिना मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने लोकसभा से सीधे मुख्यमंत्री बनने की बात भी कही।
उनके इस बयान को विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के संकेत के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अप्रत्यक्ष तंज के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि, अखिलेश ने न तो चुनाव नहीं लड़ने की औपचारिक घोषणा की और न ही स्पष्ट किया कि उनका इशारा किसकी ओर था।
मेट्रो और वरुणा नदी को लेकर क्या वादा किया?
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बनारस में मेट्रो चलाई जाएगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर वाराणसी की यातायात समस्या का समाधान नहीं करने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "क्योटो तो बनाया नहीं, काशी को चौपट कर दिया।"
उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार बनने पर वरुणा नदी को साबरमती से बेहतर बनाया जाएगा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि काशी की विरासत और हस्तकला के साथ खिलवाड़ हुआ है तथा बनारस को बाहरी ठेकेदारों के हाथों गिरवी रख दिया गया है।
दालमंडी और मणिकर्णिका घाट पर क्या कहा?
दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण के लिए हो रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया और हाईकोर्ट के स्थगन आदेश का भी सम्मान नहीं किया जा रहा।
उन्होंने कहा कि अगर बनारस में मेट्रो बनी होती तो दालमंडी में तोड़फोड़ की जरूरत नहीं पड़ती।
मणिकर्णिका घाट से जुड़े कार्यों पर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की। अखिलेश ने कहा कि घाट को तोड़ने की सजा भाजपा को मिली है और देवी अहिल्याबाई ने भी सबक सिखाया है।
एमएलसी चुनाव की मतगणना पर लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने वाराणसी में एमएलसी चुनाव की मतगणना का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को तीन दिन और दो रात सोने तक का अवसर नहीं मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन सपा प्रत्याशी को हराना चाहता था और चंडीगढ़ जैसी रणनीति अपनाने की कोशिश हुई।
अखिलेश ने कहा, "इनकी चंडीगढ़ वाली चाल नहीं चली।" उन्होंने इसे बाबा विश्वनाथ का दोहरा आशीर्वाद बताया।
धीरेंद्र शास्त्री और मोहन यादव को लेकर क्या बोले?
भगवान श्रीकृष्ण पर कथित टिप्पणी से जुड़े विवाद पर अखिलेश यादव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सभी कार्यक्रम रद्द करने की मांग की।
उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें आश्रम पर बुलडोजर चलवाना चाहिए।
अखिलेश ने भाजपा सरकार की बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि ऐसे मामलों में बुलडोजर क्यों नहीं चलाया जाता।
किसानों, बुनकरों और स्कूलों का मुद्दा भी उठाया
अखिलेश यादव ने कहा कि वाराणसी में स्टेडियम बना, लेकिन जमीन देने वाले किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने सवाल किया कि जमीन के सर्किल रेट क्यों नहीं बढ़ाए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों से बनारस के बुनकरों की हालत खराब हुई है।
शिक्षा व्यवस्था पर उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 26 हजार स्कूल बंद हो गए हैं और वहां शराब के ठेके खोलने की तैयारी है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
राजभर, चंपत राय और भाजपा के टिकटों पर भी टिप्पणी
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के दावों पर अखिलेश ने कहा कि सपा का एक भी विधायक उनके संपर्क में नहीं है, बल्कि राजभर की पार्टी के विधायक उनके संपर्क में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजभर 50 सीटों की मांग को लेकर दबाव बना रहे हैं।
राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े चोरी के मामले का उल्लेख करते हुए अखिलेश ने चंपत राय पर सवाल उठाया और कहा, "क्लीन चिट मिल गई, लेकिन ऊपर वाला क्लीन चिट कब देगा?"
अखिलेश ने भाजपा की पदयात्रा को 'अराजकता की पदयात्रा' बताया और चुनाव आयोग पर दबाव डालने का आरोप लगाया।
आगामी चुनाव में टिकट वितरण पर उन्होंने कहा, "सीट का आधार है जीत, जीते और सीट पाइए।" उन्होंने दावा किया कि भाजपा में करीब 200 लोगों के टिकट कट सकते हैं, जिनमें कई मंत्री भी शामिल होंगे।
काशी विश्वनाथ मंदिर नहीं जाने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि उन्होंने अपने घर पर बाबा विश्वनाथ और बाबा केदारेश्वर का मंदिर बनवाया है और वह पूजा करके निकलते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने बनारस की प्रसिद्ध मिठाई का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार जाने पर बनारस के लोग लवंगलता से मुंह मीठा करेंगे।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने जहां काशी के विकास को लेकर नए वादे किए, वहीं विधानसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी पर स्थिति स्पष्ट नहीं की। उनके आरोपों और राजनीतिक दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आना बाकी है।
देखिए अखिलेश यादव के वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस का पूरा वीडियो