नमो घाट पर एयर शो का रिहर्सल, वाराणसी के आसमान में दिखा वायुसेना का शौर्य, दर्शकों में दिखा उत्साह
सारंग के तीन हेलीकॉप्टरों ने भरी अस्सी घाट की ओर उड़ान, 1000 स्कूली बच्चों समेत दर्शकों ने देखा रोमांचक नजारा
22, 24 और 25 अक्तूबर को होगा ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो, राफेल, सुखोई और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन को लेकर काशी में उत्साह; 15 से 20 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान
गंगा और ऐतिहासिक घाटों की पृष्ठभूमि में दिखेगा भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमता और हवाई कौशल का प्रदर्शन
वाराणसी। काशी में गंगा के आसमान में भारतीय वायुसेना के शौर्य, पराक्रम और अद्भुत हवाई करतबों की झलक देखने के लिए लोगों का उत्साह चरम पर है। 22, 24 और 25 अक्तूबर को प्रस्तावित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो की तैयारियों के बीच बुधवार को नमो घाट पर रिहर्सल किया गया। इस दौरान गंगा के ऊपर वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरकर हवाई प्रदर्शन की झलक दिखाई। सबसे पहले सारंग दल के तीन हेलीकॉप्टर नमो घाट से अस्सी घाट की ओर उड़े। रिहर्सल देखने के लिए करीब एक हजार स्कूली बच्चे और अन्य दर्शक मौजूद रहे। लोगों में विमानों के हवाई करतब देखने को लेकर गजब का उत्साह नजर आया।
रिहर्सल के दौरान दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नमो घाट पर एंबुलेंस, चिकित्सा केंद्र और पुलिस पर्यटक सहायता केंद्र की व्यवस्था की गई थी। एयर शो के मुख्य आयोजन से पहले तैयारियों को परखने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से यह अभ्यास किया गया।
राफेल, सुखोई और तेजस बनेंगे आकर्षण
एयर शो में राफेल, सुखोई एसयू-30 एमकेआई और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस जैसे अत्याधुनिक विमानों के प्रदर्शन को लेकर खास उत्सुकता है। इनके साथ चिनूक और सारंग हेलीकॉप्टर भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना, तेज रफ्तार और रोमांचक हवाई करतब भारतीय वायुसेना की क्षमता और दक्षता को प्रदर्शित करेंगे।
फ्रांस निर्मित राफेल आधुनिक तकनीक और बहुउद्देशीय क्षमताओं के लिए जाना जाता है। वहीं, सुखोई एसयू-30 एमकेआई अपनी ताकत और कठिन हवाई करतब दिखाने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध है। स्वदेशी तकनीक से विकसित तेजस भारत की विमान निर्माण क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। एयर शो में इन विमानों की उड़ान दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण हो सकती है।
चिनूक और सारंग भी दिखाएंगे हवाई कौशल
लड़ाकू विमानों के अलावा चिनूक और सारंग हेलीकॉप्टरों का प्रदर्शन भी आयोजन को खास बनाएगा। चिनूक भारी सामान और सैन्य उपकरणों के परिवहन में सक्षम है, जबकि भारतीय वायुसेना का सारंग प्रदर्शन दल उन्नत हल्के ध्रुव हेलीकॉप्टरों के जरिए सटीक नियंत्रण, आपसी तालमेल और अनुशासित उड़ान का प्रदर्शन करता है। बुधवार को रिहर्सल में सारंग के तीन हेलीकॉप्टरों की उड़ान ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
15 से 20 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान
एयर शो के आयोजन को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन को अनुमान है कि तीनों निर्धारित तिथियों पर बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम देखने पहुंच सकते हैं। संभावित भीड़ को देखते हुए गंगा पार के क्षेत्रों में भी विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सुरक्षा, यातायात, आवागमन और दर्शकों की सुविधा को लेकर तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है।
आसपास के जिलों से भी पहुंचेंगे दर्शक
एयर शो को लेकर वाराणसी के साथ आसपास के जिलों में भी उत्साह है। बुधवार को रिहर्सल देखने पहुंचे लोगों में आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर के लोग भी शामिल रहे। मुख्य आयोजन के दिन संभावित भीड़ और जाम से बचने के लिए कई लोग पहले से ही वाराणसी पहुंचने की योजना बना रहे हैं।
गंगा की लहरों और काशी के ऐतिहासिक घाटों की पृष्ठभूमि में होने वाला यह आयोजन शहर के लिए यादगार साबित हो सकता है। एयर शो के जरिए दर्शकों को भारतीय वायुसेना की आधुनिक तकनीक, अनुशासन और हवाई कौशल को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। अब लोगों को निर्धारित तिथियों पर होने वाले मुख्य प्रदर्शन का इंतजार है।