एयर शो : नमो से अस्सी घाट के बीच गूंजेगा आसमान, करतब दिखाएंगे वायुसेना के लड़ाकू विमान
वाराणसी में पहली बार होगा भारतीय वायु सेना का भव्य एयर शो, 20 लाख से अधिक दर्शकों के पहुंचने का अनुमान
20 अक्टूबर से शुरू होगा फाइटर जेट्स का अभ्यास, समापन दिवस पर प्रधानमंत्री के शामिल होने की संभावना
प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2:30 बजे तक फाइटर जेट्स दिखाएंगे हवाई करतब, 20 अक्टूबर से शुरू होगा रिहर्सल
समापन दिवस पर प्रधानमंत्री के शामिल होने की संभावना, तीन दिनों में 20 लाख से अधिक दर्शकों के पहुंचने का अनुमान
सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्किंग, एनडीआरएफ, जल पुलिस और चिकित्सा सेवाओं की व्यापक तैयारी
एयर शो से पर्यटन, होटल, नाव संचालन, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार को मिलेगा बड़ा लाभ
काशी के इतिहास में पहली बार गंगा तट पर आयोजित होगा भारतीय वायु सेना का भव्य एयर शो
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इस वर्ष अक्टूबर माह में पहली बार भारतीय वायु सेना का भव्य एयर शो आयोजित किया जाएगा। काशी के इतिहास में पहली बार होने वाला यह आयोजन देश के सबसे बड़े एयर शो में शामिल माना जा रहा है। गंगा तट के ऊपर होने वाले इस रोमांचक आयोजन को लेकर जिला प्रशासन, भारतीय वायु सेना, सेना और विभिन्न विभागों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
इसी क्रम में गुरुवार देर शाम सर्किट हाउस सभागार में जिलाधिकारी, भारतीय वायु सेना तथा सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में तीसरी समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में एयर शो की विस्तृत रूपरेखा, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, आपातकालीन सेवाओं और दर्शकों की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां तय करते हुए तैयारियों की समीक्षा भी की।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 23 से 25 अक्टूबर तक नमो घाट से अस्सी घाट के बीच गंगा तट के ऊपर भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2:30 बजे तक करीब ढाई घंटे तक हैरतअंगेज हवाई करतब दिखाएंगे। गंगा घाटों की सीढ़ियों और रेती पर बैठकर हजारों दर्शक इस अद्भुत एयर शो का आनंद ले सकेंगे।
20 अक्टूबर से शुरू होगा अभ्यास
एयर शो से पहले भारतीय वायु सेना के फाइटर जेट्स 20 अक्टूबर से वाराणसी के आसमान में अभ्यास शुरू करेंगे। यह अभ्यास दो दिनों तक चलेगा, जिससे कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या न आए। इससे पहले भी वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने वाराणसी के ऊपर उड़ान भरकर संभावित रूट और परिस्थितियों का आकलन किया था।
समापन दिवस पर प्रधानमंत्री के आने की संभावना
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार एयर शो के अंतिम दिन 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री एवं वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। हालांकि उनके आगमन को लेकर अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री कार्यालय और सुरक्षा एजेंसियों की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।
20 लाख से अधिक दर्शकों के पहुंचने का अनुमान
जिला प्रशासन का अनुमान है कि तीन दिवसीय इस ऐतिहासिक आयोजन में 20 लाख से अधिक लोग एयर शो देखने के लिए वाराणसी पहुंच सकते हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग, चिकित्सा सुविधाओं, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, जल पुलिस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की व्यापक योजना तैयार की जा रही है।
गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग, बैठने की व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्ग, वीआईपी और आम दर्शकों के लिए अलग-अलग व्यवस्था, नावों के संचालन तथा नदी क्षेत्र की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पर्यटन और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
भारतीय वायु सेना के इस भव्य एयर शो से वाराणसी के पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। होटल, गेस्ट हाउस, रेस्तरां, नाव संचालकों, हस्तशिल्प व्यवसायियों, परिवहन सेवाओं और अन्य व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों के आगमन को देखते हुए पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन भी व्यापक तैयारियों में जुटा हुआ है।
प्रशासन का लक्ष्य गंगा तट पर पहली बार आयोजित होने वाले इस एयर शो को सुरक्षित, व्यवस्थित और यादगार बनाना है, ताकि यह आयोजन वाराणसी की नई पहचान के रूप में देशभर में स्थापित हो सके।