स्वच्छता सर्वेक्षण में काशी को टॉप पर पहुंचाने का लक्ष्य, नगर विकास मंत्री ने पार्षदों से किया संवाद, जनसहभागिता बढ़ाने पर दिया जोर 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी को स्वच्छता सर्वेक्षण की राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचाने के लिए शासन-प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने रविवार को सर्किट हाउस में पार्षदों के साथ संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेहतर रैंकिंग केवल कागजी दावों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर जनसहभागिता से ही संभव है।
 

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी को स्वच्छता सर्वेक्षण की राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचाने के लिए शासन-प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने रविवार को सर्किट हाउस में पार्षदों के साथ संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेहतर रैंकिंग केवल कागजी दावों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर जनसहभागिता से ही संभव है।

मंत्री ने कहा कि पिछली बार ‘सोर्स सेग्रिगेशन’ यानी कूड़ा पृथकीकरण में अपेक्षित अंक न मिलने से शहर 17वें स्थान पर रहा। उन्होंने जोर दिया कि स्वच्छता को लेकर प्रधानमंत्री स्वयं विशेष रूप से सजग रहते हैं और काशी से ही पूरे देश को स्वच्छता का संदेश दिया गया था, इसलिए यहां की व्यवस्था आदर्श होनी चाहिए। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि पिछली कमियों को सुधारते हुए इस बार ठोस प्रयास किए जाएं।

बैठक में जनसंवाद और डोर-टू-डोर कूड़ा पृथकीकरण को अभियान का केंद्र बिंदु बनाया गया। मंत्री ने निर्देश दिया कि पार्षद अपने-अपने वार्ड में नियमित भ्रमण कर नागरिकों को गीला और सूखा कचरा अलग रखने के लिए प्रेरित करें। स्कूलों और कॉलेजों में विशेष संवाद कार्यक्रम चलाने पर भी जोर दिया गया, ताकि नई पीढ़ी स्वच्छता की मुहिम से जुड़े। बाजार क्षेत्रों में दुकानदारों के लिए डस्टबिन अनिवार्य करने तथा सफाईकर्मियों की भौतिक उपस्थिति की नियमित जांच के निर्देश भी दिए गए।

शहरी सौंदर्यीकरण पर सख्त रुख अपनाते हुए मंत्री ने नगर आयुक्त को बरसात से पहले शहर के सभी 250 गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स समाप्त करने का लक्ष्य दिया। साथ ही सड़कों पर पड़े निर्माण अवशेष हटाने और कच्ची पटरियों पर इंटरलॉकिंग कराने को कहा गया। बिजली विभाग से जुड़े मुद्दों पर भी पार्षदों को सतर्क रहने और खतरनाक तारों की सूचना तत्काल देने के निर्देश दिए गए।

संवाद के दौरान पार्षदों ने अपने क्षेत्रों की समस्याएं रखीं, जिनमें डस्टबिन की कमी, नियमित कूड़ा उठान और जल निकासी जैसी चुनौतियां प्रमुख रहीं। मंत्री ने नगर निगम प्रशासन को इन बिंदुओं पर समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए।

नगर आयुक्त ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि 22 बड़े कूड़ा घर हटाए जा चुके हैं और शेष को जल्द समाप्त किया जाएगा। नए शामिल 25 वार्डों में भी घर-घर कूड़ा संग्रहण शुरू करने की तैयारी है। प्लास्टिक कचरे के लिए एमआरएफ सेंटर, बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट और ई-वेस्ट प्रबंधन जैसी आधुनिक पहलें भी अंतिम चरण में हैं। बैठक में महापौर अशोक कुमार तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।