'AI सचिव जी' से वाराणसी के पंचायतों को मिलेगी तकनीकी ताकत, डीएम सत्येन्द्र कुमार ने किया शुभारंभ
वाराणसी। ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कार्यों को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में वाराणसी में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पिरामल फाउंडेशन द्वारा विकसित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘एआई सचिव जी’ का शुभारंभ सोमवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने किया। अधिकारियों का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ रिपोर्ट तैयार करने, बैठकों की कार्यवाही दर्ज करने और अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी मदद करेगा।
पंचायतों में डिजिटल सुशासन को मिलेगी नई गति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का सशक्त माध्यम बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि एआई सचिव जी के माध्यम से ग्राम पंचायतों से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी और शासन की गाइडलाइन के अनुरूप आवश्यक सूचनाएं लिखित तथा मौखिक दोनों रूपों में प्राप्त की जा सकेंगी। इससे पंचायत स्तर पर निर्णय लेने और योजनाओं के क्रियान्वयन में आसानी होगी।
रिपोर्ट और कार्यवाही तैयार करना होगा आसान
जिलाधिकारी ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म बैठकों की कार्यवाही तैयार करने, रिपोर्ट बनाने और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को त्वरित एवं समयबद्ध बनाने में सहायक सिद्ध होगा। इससे पंचायत प्रतिनिधियों का समय बचेगा और कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। उन्होंने इसे ग्रामीण प्रशासन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों को मिलेगा लाभ
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने कहा कि एआई सचिव जी ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इसके माध्यम से ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और अन्य जनप्रतिनिधियों को सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा तकनीकी सहायता से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। इससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी।
पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने में होगी मदद
जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा ने कहा कि पंचायतों में आधुनिक तकनीक का समावेश समय की मांग है। एआई सचिव जी पंचायत प्रतिनिधियों को त्वरित और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएगा, जिससे कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और विकास योजनाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। वहीं प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि तकनीक के बढ़ते उपयोग से पंचायतों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।
लाइव डेमो में दिखाई गई प्लेटफॉर्म की उपयोगिता
कार्यक्रम के दौरान पिरामल फाउंडेशन की टीम ने एआई सचिव जी का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया। इसमें बताया गया कि प्लेटफॉर्म पंचायत प्रतिनिधियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने, आवश्यक दस्तावेज तैयार करने, बैठकों की कार्यवाही दर्ज करने और प्रशासनिक कार्यों में तत्काल सहायता प्रदान करने में सक्षम है। उपस्थित ग्राम प्रधानों और अधिकारियों ने इसे सरल, उपयोगी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तकनीक बताया।
बड़ी संख्या में शामिल हुए पंचायत प्रतिनिधि
कार्यक्रम में पिरामल फाउंडेशन के विंग कमांडर जैनेंद्र कुमार पाठक, सीनियर प्रोग्राम मैनेजर बशारत, सीनियर प्रोग्राम मैनेजर संतोष सिंह और प्रोग्राम मैनेजर चंद्रशेखर ने एआई सचिव जी की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता संतोष सिंह ने की, जबकि आयोजन और समन्वय में साक्षी सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर ग्राम प्रधान, प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष, गांधी फेलो, पिरामल फाउंडेशन की टीम सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।