अहमदाबाद विमान हादसा: अस्सी घाट पर दीपदान कर हादसे में जान गंवाने वालों को दी गई श्रद्धांजलि, एक साल पहले हुई थी भीषण दुर्घटना 

अहमदाबाद विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की स्मृति में शुक्रवार को अस्सी घाट पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। गंगा सेवा समिति के तत्वावधान में हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
 

वाराणसी। अहमदाबाद विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की स्मृति में शुक्रवार को अस्सी घाट पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। गंगा सेवा समिति के तत्वावधान में हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कार्यक्रम के दौरान गंगा तट पर विशेष दीपदान किया गया। उपस्थित लोगों ने गंगा की धारा में दीप प्रवाहित कर विमान हादसे में असमय काल के गाल में समा गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। दीपों की जगमगाहट और श्रद्धा से भरे वातावरण ने पूरे घाट को भावुक बना दिया। श्रद्धांजलि सभा में शामिल लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

गंगा सेवा समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि विमान दुर्घटनाएं केवल प्रभावित परिवारों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए पीड़ादायक होती हैं। ऐसे हादसों में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति को संजोए रखना और उनके प्रति सम्मान प्रकट करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दीपदान का यह कार्यक्रम दिवंगत आत्माओं के प्रति श्रद्धा और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करने का एक विनम्र प्रयास है।

गंगा आरती स्थल के समीप आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने हादसे के पीड़ितों को याद करते हुए उनके जीवन और योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि ऐसी त्रासद घटनाएं मानव जीवन की नश्वरता का एहसास कराती हैं और सुरक्षा मानकों के प्रति अधिक सतर्क रहने की सीख भी देती हैं।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति, उनके परिवारों को दुख सहने की शक्ति और समाज में मानवीय संवेदनाओं को मजबूत बनाए रखने की प्रार्थना की। अस्सी घाट पर गंगा की लहरों के बीच प्रवाहित होते दीपों ने श्रद्धा, करुणा और स्मरण का ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।