नए शैक्षणिक सत्र से पहले बीएचयू कुलपति ने श्रीविश्वनाथ मंदिर में की पूजा, विश्वविद्यालय की उन्नति की कामना

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ से पहले सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित श्रीविश्वनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी सहित प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी ने भगवान विश्वनाथ से विश्वविद्यालय की निरंतर उन्नति, समृद्धि और नए शैक्षणिक सत्र के सफल संचालन की प्रार्थना की।
 

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ से पहले सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित श्रीविश्वनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी सहित प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी ने भगवान विश्वनाथ से विश्वविद्यालय की निरंतर उन्नति, समृद्धि और नए शैक्षणिक सत्र के सफल संचालन की प्रार्थना की।

पूजा के बाद कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वनाथ के श्रीचरणों में विश्वविद्यालय की प्रगति, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और शिक्षकों व कर्मचारियों के कल्याण की कामना की गई है।

उन्होंने कहा, "हमारी कामना है कि विश्वविद्यालय पूरे तन, मन और धन से अध्ययन-अध्यापन तथा शोध के कार्य में निरंतर समर्पित रहे। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिले और विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे।"

कुलपति बोले-छात्रों से लगातार संवाद 
पिछले महीने विश्वविद्यालय में छात्र से जुड़ी घटना को लेकर पूछे गए सवाल पर कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन, छात्र प्रतिनिधियों और सभी संबंधित पक्षों के बीच लगातार संवाद जारी है। सभी मिलकर ऐसे प्रयास कर रहे हैं कि भविष्य में इस प्रकार की परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों।

उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी विश्वास, संवाद और सहयोग के माध्यम से परिसर का शैक्षणिक माहौल और अधिक सकारात्मक तथा अनुशासित बनेगा, जिससे छात्र निर्भय होकर अपनी पढ़ाई और शोध कार्य कर सकेंगे।

नए सत्र की तैयारियां पूरी
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार नए शैक्षणिक सत्र को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। विभिन्न संकायों और संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में है तथा नए विद्यार्थियों के स्वागत की तैयारियां भी की जा रही हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि नए छात्रों को शुरुआत से ही बेहतर शैक्षणिक एवं शोध वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

एशिया का सबसे बड़ा आवासीय विश्वविद्यालय 
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय क्षेत्रफल के लिहाज से एशिया के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालयों में गिना जाता है। लगभग 1300 एकड़ में फैले इस विशाल परिसर में वर्तमान समय में 6 संस्थान, 14 संकाय और 140 से अधिक विभाग संचालित हैं। यहां देश-विदेश से हजारों विद्यार्थी उच्च शिक्षा और शोध के लिए आते हैं।

विश्वविद्यालय परिसर के मध्य स्थित भव्य श्रीविश्वनाथ मंदिर इसकी प्रमुख पहचान है। सफेद संगमरमर से निर्मित इस मंदिर का निर्माण प्रसिद्ध उद्योगपति Ghanshyam Das Birla के सहयोग से कराया गया था। यह मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि BHU की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी प्रतीक माना जाता है।

नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ से पहले आयोजित इस पूजा-अर्चना ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों को भी समान महत्व देता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आशा व्यक्त की कि सत्र 2026-27 विद्यार्थियों, शिक्षकों और पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए नई उपलब्धियों और सफलताओं का वर्ष साबित होगा।