गंगा का जलस्तर घटने के बाद अपने मूल स्थान पर शुरू हुई दशाश्वमेध घाट की विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, भीड़ नियंत्रण में पुलिस रही हलकान
वाराणसी। धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी के विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर बुधवार शाम मां गंगा की भव्य आरती के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। गंगा का जलस्तर सामान्य होने के बाद आरती अपने मूल स्थान पर दोबारा शुरू होने से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। शाम ढलते ही घाट पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। मां गंगा के जयकारों, शंखनाद और आरती के मंत्रों से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
गंगा आरती के दौरान घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। लोगों ने मां गंगा की भव्य आरती के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। आरती के दौरान घाट की धार्मिक छटा देखते ही बनी। श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी के चलते घाट और आसपास के रास्तों पर भीड़ का दबाव बना रहा। आरती संपन्न होने के बाद एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के बाहर निकलने से आवाजाही चुनौतीपूर्ण हो गई।
आरती के बाद बढ़ा भीड़ का दबाव
आरती समाप्त होते ही श्रद्धालु घाट से बाहर निकलने लगे। इस दौरान रास्तों पर भीड़ बढ़ने से लोगों की सुरक्षित निकासी और आवाजाही को व्यवस्थित बनाए रखना जरूरी हो गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। घाट पर तैनात पुलिसकर्मी लगातार श्रद्धालुओं को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ने के निर्देश देते रहे, ताकि भीड़ के दबाव को नियंत्रित किया जा सके।
एसीपी ने संभाली व्यवस्था, पुलिस रही मुस्तैद
भीड़ प्रबंधन की निगरानी के लिए एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही का जायजा लिया और लोगों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की व्यवस्था संभाली। पुलिस की सक्रियता के बीच भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा से बचाने का प्रयास किया गया।
दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख हिस्सा है। प्रतिदिन होने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ देश-विदेश से पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष अवसरों पर भीड़ और बढ़ जाती है, जिससे सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। बुधवार को भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहे। आरती के बाद घाट से बाहर निकलने के दौरान विशेष सतर्कता बरती गई, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु और सुरक्षित बनी रहे।