बारिश के बाद वाराणसी में फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर, दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि, तटवर्ती इलाकों में बढ़ी निगरानी 

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते यूपी और गंगा के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश का असर जलस्तर पर दिख रहा है। गुरुवार को गंगा के जलस्तर में वृद्धि देखी गई। जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की वृद्धि रिकॉर्ड की गई। गुरुवार की सुबह जलस्तर 62.4 मीटर रिकॉर्ड किया गया। गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए निगरानी बढ़ी दी गई है। वहीं ऐहतियात के तौर पर पहले से ही नौका संचालन बंद कर दिया गया है। 
 

वाराणसी। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते यूपी और गंगा के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश का असर जलस्तर पर दिख रहा है। गुरुवार को गंगा के जलस्तर में वृद्धि देखी गई। जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की वृद्धि रिकॉर्ड की गई। गुरुवार की सुबह जलस्तर 62.4 मीटर रिकॉर्ड किया गया। गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए निगरानी बढ़ी दी गई है। वहीं ऐहतियात के तौर पर पहले से ही नौका संचालन बंद कर दिया गया है। 

गंगा के जलस्तर में पिछले दिनों वृद्धि हो रही थी, लेकिन एक-दो दिनों की वृद्धि के बाद जलस्तर स्थिर हो गया था। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते बुधवार और गुरुवार को वाराणसी समेत यूपी में जोरदार बारिश हुई। इसके चलते गंगा के जलस्तर में दोबारा वृद्धि शुरू हो गई है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार की सुबह गंगा का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा था। घाटों की सीढ़ियों पर पानी चढ़ने लगा है। वहीं घाटों के नीचे गंगा किनारे स्थित मंदिर जलमग्न होने लगे हैं।  

गंगा का जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु से लगभग 8 मीटर नीचे है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं, फिर भी सावधानी जरूरी है। प्रशासन की ओर से गंगा घाटों और तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। जल पुलिस और एनडीआरएफ के साथ ही प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है।