काशी विश्वनाथ धाम से मां विशालाक्षी के लिए समर्पित की गई श्रृंगार सामग्री, नवरात्र के छठवें दिन नवदुर्गा सप्तशती का पाठ, शक्ति और शिव की आराधना कर लोककल्याण की कामना
वाराणसी। शारदीय नवरात्र के छठवें दिन शुक्रवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। आदिशक्ति मां भगवती की आराधना और बाबा विश्वनाथ के प्रति श्रद्धा के भाव के साथ धाम में विशेष पूजा-पाठ किया गया। इस अवसर पर मां विशालाक्षी के निमित्त श्रृंगार सामग्री बाबा श्री विश्वेश्वर को श्रद्धापूर्वक अवलोकित कराने के बाद प्रेषित की गई। साथ ही मां दुर्गा की महिमा का गुणगान करते हुए नवदुर्गा सप्तशती का पाठ संपन्न हुआ।
धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान मां आदिशक्ति और भगवान शिव की संयुक्त आराधना की गई। इस अवसर पर लोककल्याण, सुख-समृद्धि और श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति एवं मंगल की कामना की गई। नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित इन धार्मिक कार्यक्रमों से धाम का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
श्री काशी विश्वनाथ धाम में नवरात्र के दौरान शक्ति की उपासना और शिव आराधना का विशेष महत्व है। मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों की पूजा के साथ श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, शक्ति और शिव का संबंध सृष्टि के संतुलन एवं कल्याण का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र का यह पावन पर्व श्रद्धालुओं को भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक साधना का संदेश दे रहा है। धाम में संपन्न अनुष्ठानों के माध्यम से सभी के कल्याण और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की गई।