लापरवाह ठेकेदारों पर कार्रवाई, निर्बाध बिजली आपूर्ति करें सुनिश्चित, राज्यमंत्री ने मीटिंग में दिए निर्देश
वाराणसी। शहर में विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के लिए स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क पंजीयन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। कमिश्नरी सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने विद्युत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और जनता को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने बताया कि जनपद में विद्युत व्यवस्था के उच्चीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए शासन द्वारा 478 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इस बजट से बांस-बल्लियों को हटाने, जर्जर विद्युत तारों को बदलने, नए विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि तथा अन्य महत्वपूर्ण कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन सभी परियोजनाओं को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए ताकि शहरवासियों को बेहतर विद्युत सुविधाएं मिल सकें।
मंत्री ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान देने को कहा जहां अब भी बांस-बल्लियों के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे सभी स्थानों पर अस्थायी या स्थायी विद्युत पोल लगाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। साथ ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और पुराने तारों के प्रतिस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
भीषण गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए मंत्री ने विद्युत ट्रिपिंग की शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन वार्डों और मोहल्लों में बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या सामने आ रही है, वहां तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निर्बाध विद्युत आपूर्ति के साथ पर्याप्त पेयजल व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया। मंत्री ने अधिकारियों से स्थानीय पार्षदों और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर क्षेत्रीय समस्याओं का त्वरित समाधान करने को कहा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाना चाहिए।
बैठक में अंडरग्राउंड विद्युत केबलिंग कार्यों के बाद सड़कों के पुनर्निर्माण (रेस्टोरेशन) में हो रही लापरवाही का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। मंत्री ने कहा कि कई स्थानों पर सड़कें खोदने के बाद उन्हें लंबे समय तक ठीक नहीं किया जाता, जिससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। उन्होंने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदारों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।