काशी विद्यापीठ में हॉस्टल में अवैध रूप से रह रहे छात्रों पर कार्रवाई, नरेंद्र देव छात्रावास के 35 कमरे खाली कराए
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने छात्रावासों में बिना वैध आवंटन के रह रहे छात्रों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए नरेंद्र देव छात्रावास के 35 कमरों को खाली करा लिया। विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन व्यवस्था बनाए रखने और छात्रावासों को अनधिकृत कब्जों से मुक्त कराने के उद्देश्य से यह कार्रवाई भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ छात्र बिना अधिकृत आवंटन के छात्रावासों में रह रहे हैं, जिससे वास्तविक पात्र छात्रों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही थी। इसी के मद्देनजर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभियान चलाकर ऐसे कमरों की पहचान की और उन्हें खाली कराने की कार्रवाई शुरू की।
अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, विश्वविद्यालय कर्मचारियों और पुलिस बल की संयुक्त टीम ने नरेंद्र देव छात्रावास का निरीक्षण किया। जांच में बड़ी संख्या में ऐसे कमरे मिले जिन पर अनधिकृत रूप से कब्जा किया गया था। कार्रवाई के तहत करीब 35 कमरों को खाली कराकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोबारा अपने कब्जे में ले लिया।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मुख्य अनुशासन अधिकारी (चीफ प्रॉक्टर) केके सिंह ने बताया कि छात्रावास केवल उन छात्रों के लिए हैं जिन्हें विश्वविद्यालय की निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवंटन प्राप्त हुआ है। बिना आवंटन के रहने वाले छात्रों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनधिकृत कब्जे को बर्दाश्त नहीं करेगा।
वहीं, कार्रवाई को लेकर छात्र नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। छात्र नेता हर्षित तिवारी ने कहा कि छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि पात्र छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कार्रवाई के दौरान परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अन्य छात्रावासों में भी जांच अभियान चलाकर अनधिकृत कब्जों को हटाने की प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।