सतुआ बाबा की फर्जी आईडी बनाकर रुपये मांगने का आरोप, चौक थाने में शिकायत

महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा के नाम और पहचान का कथित रूप से दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाने और लोगों से रुपये मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी आईडी संचालित करने वाले लोग सतुआ बाबा बनकर श्रद्धालुओं और परिचितों को संदेश भेज रहे हैं। संदेशों में आर्थिक मदद के नाम पर रकम मांगी जा रही है। इसके अलावा अभद्र और अमर्यादित भाषा में संदेश भेजे जाने का भी आरोप है। मामला संज्ञान में आने के बाद सतुआ बाबा ने मंगलवार को चौक थाने पहुंचकर शिकायत की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
 

लोगों को भेजे जा रहे संदेश, आर्थिक मदद के नाम पर मांगे जा रहे पैसे

अभद्र भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप, साइबर सेल जुटी जांच में

वाराणसी। महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा के नाम और पहचान का कथित रूप से दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाने और लोगों से रुपये मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी आईडी संचालित करने वाले लोग सतुआ बाबा बनकर श्रद्धालुओं और परिचितों को संदेश भेज रहे हैं। संदेशों में आर्थिक मदद के नाम पर रकम मांगी जा रही है। इसके अलावा अभद्र और अमर्यादित भाषा में संदेश भेजे जाने का भी आरोप है। मामला संज्ञान में आने के बाद सतुआ बाबा ने मंगलवार को चौक थाने पहुंचकर शिकायत की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सतुआ बाबा के अनुसार, उनके नाम से बनाई गई फर्जी आईडी के जरिए कई लोगों से संपर्क किया जा रहा है। संदेश भेजकर खुद को सतुआ बाबा बताया जा रहा है और अलग-अलग वजहों का हवाला देकर पैसे की मांग की जा रही है। फर्जी आईडी से अमर्यादित संदेश भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। इससे श्रद्धालुओं के ठगी का शिकार होने के साथ ही उनकी धार्मिक और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होने की आशंका है।


संत के फोन से हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
बताया गया कि एक संत ने सतुआ बाबा को फोन कर उनके नाम से भेजे जा रहे संदेशों की जानकारी दी। संत ने बताया कि उनके पास सतुआ बाबा के नाम से संदेश आया और उसमें रुपये की मांग की गई। इसके बाद सतुआ बाबा ने मामले की जानकारी जुटाई तो पता चला कि उनकी पहचान का इस्तेमाल कर फर्जी आईडी के माध्यम से लोगों से संपर्क किया जा रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्काल पुलिस से शिकायत करने का निर्णय लिया। चौक थाने में दी गई शिकायत में फर्जी आईडी संचालित करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।


पहचान का इस्तेमाल कर बनाया जा रहा भ्रम
आरोप है कि फर्जी आईडी बनाने वाले लोग सतुआ बाबा की पहचान और नाम का इस्तेमाल कर लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रहे हैं। श्रद्धालु और परिचित व्यक्ति संदेश को वास्तविक मानकर पैसे भेज सकते हैं। इससे आर्थिक ठगी का खतरा बढ़ गया है। सतुआ बाबा ने पुलिस से आईडी के तकनीकी पहलुओं की जांच कराने और इसके पीछे शामिल लोगों का पता लगाने की मांग की है।


साइबर सेल जुटी तकनीकी जांच में
चौक इंस्पेक्टर दिलीप कुमार मिश्रा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है। फर्जी आईडी किस प्लेटफॉर्म पर बनाई गई, इसे कौन संचालित कर रहा है और अब तक कितने लोगों से संपर्क कर रुपये मांगे गए हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस संदेशों और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फर्जी आईडी संचालकों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।


बिना पुष्टि रकम न भेजने की अपील
पुलिस और संबंधित पक्ष की ओर से लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। किसी संत, धार्मिक संस्था या परिचित के नाम से सोशल मीडिया अथवा मैसेजिंग एप पर आर्थिक मदद के लिए संदेश या पैसे की मांग आए तो बिना पुष्टि रकम नहीं भेजनी चाहिए। ऐसे संदेश मिलने पर संबंधित व्यक्ति से सीधे फोन पर संपर्क कर सत्यता की पुष्टि करने की सलाह दी गई है। संदिग्ध आईडी, लिंक या संदेश की जानकारी पुलिस को देने से संभावित साइबर ठगी को समय रहते रोका जा सकता है।