वाराणसी में CJP के विरोध में ABVP ने निकाली तिरंगा यात्रा, वामपंथी संगठनों के खिलाफ नारेबाजी
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से भारत माता मंदिर तक निकली यात्रा में सैकड़ों छात्र-छात्राएं शामिल
नेपाल-बांग्लादेश जैसे हालात बनाने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी
युवाओं से विकसित भारत के अभियान से जुड़ने की अपील
वाराणसी। वाराणसी में शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने CJP के विरोध में तिरंगा यात्रा निकाली। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और संगठन के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने वामपंथी और कथित देशविरोधी गतिविधियों के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही युवाओं से राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के अभियान से जुड़ने की अपील की।
काशी विद्यापीठ से भारत माता मंदिर तक निकली तिरंगा यात्रा
एबीवीपी की ओर से आयोजित तिरंगा यात्रा महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर से शुरू होकर भारत माता मंदिर की ओर रवाना हुई। इस दौरान छात्र-छात्राएं और संगठन के कार्यकर्ता हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर यात्रा में शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार, यात्रा का उद्देश्य युवाओं के बीच राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना था। कार्यकर्ताओं ने देश की एकता और अखंडता के समर्थन में नारे लगाए।
'भारत को नेपाल और बांग्लादेश जैसे हालात की ओर ले जाने की कोशिश स्वीकार नहीं'
तिरंगा यात्रा के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उन समूहों और विचारधाराओं का विरोध किया, जिन पर उन्होंने देश में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि भारत के युवाओं को नेपाल और बांग्लादेश जैसी परिस्थितियों का हवाला देकर देश में अशांति फैलाने की कोशिशों से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने वामपंथी और कथित देशविरोधी गतिविधियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि युवाओं को देश की प्रगति और सामाजिक एकता के लिए काम करना चाहिए।
युवाओं से विकसित भारत के अभियान से जुड़ने की अपील
एबीवीपी के काशी विद्यापीठ से जुड़े कार्यकर्ता शिवम तिवारी ने कहा कि देश के युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प से जुड़ने और देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया। शिवम तिवारी ने कहा कि छात्र और युवा देश के भविष्य की महत्वपूर्ण ताकत हैं। उन्हें ऐसे प्रयासों का हिस्सा बनना चाहिए, जो देश को मजबूत बनाने और विकास की दिशा में आगे ले जाने में सहायक हों।
वामपंथी विचारधारा के खिलाफ जताया विरोध
यात्रा में शामिल एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने वामपंथी संगठनों और कथित देशविरोधी गतिविधियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में युवाओं को राष्ट्रहित और विकास से जुड़े विषयों पर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। तिरंगा यात्रा में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया। यात्रा के माध्यम से संगठन ने राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रप्रेम और विकसित भारत का संदेश देने की बात कही।