बीएचयू परिसर में घटनाओं को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आक्रोश, धरने पर बैठे, ज्ञापन सौंपकर CCTV निगरानी और ट्रैफिक नियंत्रण की मांग
वाराणसी। बीएचयू परिसर में छात्र सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की बीएचयू इकाई के सदस्यों में आक्रोश है। छात्रों की सुरक्षा के मुद्दे को लेकर सदस्यों ने बुधवार को परिसर में धरना दिया। छात्रों ने मुख्य आरक्षाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर परिसर में सुरक्षित और अनुशासित वातावरण बनाए रखने के लिए तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और डार्क स्पॉट पर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराने समेत कई मांगें उठाईं।
एबीवीपी ने कहा कि बीएचयू परिसर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं और प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। संगठन ने परिसर में निर्धारित गति सीमा का कड़ाई से पालन कराने और तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में खेल मैदानों और छात्र गतिविधियों वाले क्षेत्रों में बाहरी लोगों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही साइकिल और बाइक चोरी तथा स्नेचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया। प्रमुख चौराहों, प्रवेश-निकास मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
छात्र संगठन ने परिसर के डार्क स्पॉट को भी सुरक्षा से जोड़ते हुए पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की। विशेष रूप से लंका गेट और सरस्वती प्रतिमा के आसपास खराब पड़ी लाइटों को तत्काल ठीक कराने की बात कही गई। संगठन के अनुसार, रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से छात्रों को आवागमन में परेशानी होती है। एबीवीपी ने लंका गेट से बिरला छात्रावास तक लगने वाले जाम का स्थायी समाधान कराने की मांग की। इसके अलावा सर सुंदरलाल चिकित्सालय के आसपास व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया, ताकि मरीजों, उनके परिजनों, छात्रों और कर्मचारियों को यातायात संबंधी परेशानी न हो।
परिसर की दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर स्पष्ट रेट लिस्ट अनिवार्य करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। संगठन ने कहा कि वस्तुओं के निर्धारित मूल्य प्रदर्शित होने से छात्रों से मनमाना मूल्य वसूले जाने की शिकायतों पर रोक लग सकेगी। निर्माण कार्यों के दौरान एनजीटी और अन्य पर्यावरणीय मानकों का पालन कराने की मांग करते हुए निर्माण स्थलों से धूल और मलबे की नियमित सफाई कराने को कहा गया। एबीवीपी ने शांतिपूर्ण छात्र आंदोलनों के मामलों में संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की भी मांग की।
एबीवीपी इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि ज्ञापन में छात्रहित और परिसर की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से सभी बिंदुओं पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की, ताकि बीएचयू में छात्रों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और अनुशासित वातावरण सुनिश्चित हो सके।