कालभैरव इलाके में सीवर चेंबर में उतरता युवक पकड़ाया, तीन साथी भी हिरासत में, सीवर से निकला था बोरा 

काल भैरव क्षेत्र के भांट गली में नगर निगम के सरकारी सीवर चेंबर का ढक्कन खोलकर उसमें उतरने का प्रयास कर रहे एक युवक को स्थानीय लोगों और पार्षद की सूचना पर नगर निगम की टीम ने पकड़ लिया। उसके साथ मौजूद तीन अन्य युवक मौके से भाग निकले, जिन्हें बाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। नगर निगम प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए कोतवाली थाने में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है।
 

वाराणसी। काल भैरव क्षेत्र के भांट गली में नगर निगम के सरकारी सीवर चेंबर का ढक्कन खोलकर उसमें उतरने का प्रयास कर रहे एक युवक को स्थानीय लोगों और पार्षद की सूचना पर नगर निगम की टीम ने पकड़ लिया। उसके साथ मौजूद तीन अन्य युवक मौके से भाग निकले, जिन्हें बाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। नगर निगम प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए कोतवाली थाने में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है।

बताया गया कि भांट गली में सीवर चेंबर का ढक्कन खोलकर एक युवक उसके अंदर उतरने का प्रयास कर रहा था। स्थानीय लोगों की नजर पड़ने पर इसकी सूचना क्षेत्रीय पार्षद को दी गई। पार्षद ने नगर निगम की टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़े गए युवक की पहचान राजन वाल्मीकि के रूप में बताई गई है।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, शहर के कई इलाकों में मुख्य सीवर लाइनों की सफाई के दौरान लाइन के भीतर बालू की बोरियां, लकड़ी का बुरादा, पत्थर, प्लाई और प्लास्टिक सामग्री ठुंसी मिली थी। शिवाला, सराय नंदन, नगवा समेत कई वार्डों में इस तरह की सामग्री मिलने से सीवर लाइन प्रभावित हुई थी। इसके चलते कई स्थानों पर सीवर का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों और गलियों में फैल गया था।

घटना ऐसे समय सामने आई है, जब शिवाला क्षेत्र में जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी हुई थी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वीडियो साझा कर सरकार पर टिप्पणी की थी, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी सोनारपुरा क्षेत्र में प्रदर्शन किया था।

नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि किसी गैर-विभागीय या अनधिकृत व्यक्ति द्वारा सरकारी सीवर चेंबर खोलना और उसमें उतरना नियम विरुद्ध है तथा सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरनाक है। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे किसी आपराधिक मंशा या अन्य कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल कोतवाली पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।