मिर्जामुराद में प्रेम विवाह के बाद गांव लौटे युवक-युवती, थाने में चली घंटों पंचायत

मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के एक गांव में अलग-अलग समुदायों से संबंध रखने वाले युवक और युवती के विवाह का मामला शनिवार को चर्चा का केंद्र बना रहा। करीब पंद्रह दिन पहले घर से गए दोनों युवक-युवती के गांव लौटने के बाद मामला थाने पहुंच गया, जहां दोनों पक्षों के परिजनों की मौजूदगी में घंटों बातचीत और पंचायत का दौर चला।
 

वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के एक गांव में अलग-अलग समुदायों से संबंध रखने वाले युवक और युवती के विवाह का मामला शनिवार को चर्चा का केंद्र बना रहा। करीब पंद्रह दिन पहले घर से गए दोनों युवक-युवती के गांव लौटने के बाद मामला थाने पहुंच गया, जहां दोनों पक्षों के परिजनों की मौजूदगी में घंटों बातचीत और पंचायत का दौर चला।

युवक और युवती एक ही गांव के निवासी हैं और लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों के बीच काफी समय से प्रेम संबंध था। लगभग एक पखवाड़े पूर्व दोनों अचानक घर से चले गए थे, जिसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी थी। बताया जाता है कि घर छोड़ने के बाद दोनों ने एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया और साथ रहने का निर्णय लिया। इस दौरान दोनों गांव से बाहर रह रहे थे। युवती के घर से लापता होने पर उसके परिजनों ने मिर्जामुराद थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

शनिवार की भोर में दोनों के गांव लौटने की जानकारी मिलने पर युवक के परिजन उन्हें लेकर मिर्जामुराद थाने पहुंचे। सूचना मिलते ही युवती के परिजन भी थाने पहुंच गए और विवाह को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए पंचायत भी आयोजित की गई, जिसमें परिवार के सदस्य और कुछ ग्रामीण भी मौजूद रहे।

थाना प्रभारी गोपाल जी कुशवाहा ने बताया कि युवती के परिजनों की ओर से पूर्व में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। युवक-युवती के सामने आने के बाद मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि युवती के बयान, उसकी आयु तथा अन्य कानूनी तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है।