एनडीआरएफ और जल पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, दशाश्वमेध घाट पर डूबते श्रद्धालु की बचाई जान
वाराणसी। सावन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच रविवार को दशाश्वमेध घाट पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गंगा स्नान के दौरान तमिलनाडु के रामनाथपुरम निवासी 66 वर्षीय श्रद्धालु वरुनान राजन गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। घाट पर तैनात 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्नान के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से बुजुर्ग श्रद्धालु तेज बहाव वाले हिस्से में पहुंच गए। उन्हें डूबता देख घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद ड्यूटी पर तैनात एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीम बिना देर किए सक्रिय हो गई। जल पुलिस के जवान मनोज साहू ने एनडीआरएफ के बचावकर्मियों के साथ समन्वय बनाते हुए गंगा में छलांग लगाई और कुछ ही मिनटों में श्रद्धालु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू के तुरंत बाद मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए उन्हें पहले मारवाड़ी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों की सलाह पर एम्बुलेंस से कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी हालत फिलहाल सामान्य और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
एनडीआरएफ और जल पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी बचाव दल की तत्परता और साहस की सराहना की। उल्लेखनीय है कि सावन माह में गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है।