अमरनाथ धाम से लौटे काशी के सेवादारों का भव्य स्वागत, 26 वर्षों से कर रहे निस्वार्थ सेवा

श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति द्वारा अमरनाथ यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के चंदनवाड़ी में संचालित 26वें विशाल भंडारे के सफल समापन के बाद वाराणसी लौटे समिति के सेवादारों का शुक्रवार को कैंट रेलवे स्टेशन पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। बेगमपुरा एक्सप्रेस से पहुंचे करीब 20 सेवादारों का समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने माल्यार्पण, पुष्पवर्षा तथा जयघोष के बीच अभिनंदन किया।
 

वाराणसी। श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति द्वारा अमरनाथ यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के चंदनवाड़ी में संचालित 26वें विशाल भंडारे के सफल समापन के बाद वाराणसी लौटे समिति के सेवादारों का शुक्रवार को कैंट रेलवे स्टेशन पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। बेगमपुरा एक्सप्रेस से पहुंचे करीब 20 सेवादारों का समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने माल्यार्पण, पुष्पवर्षा तथा जयघोष के बीच अभिनंदन किया।

स्वागत कार्यक्रम का नेतृत्व समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह 'बंटी' ने किया। इस अवसर पर विवेक श्रीवास्तव, संतोष जायसवाल, पियूष गुप्ता, राजेश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य उपस्थित रहे। अमरनाथ यात्रा में सेवा कार्य करने वाले दल का नेतृत्व अजीत साव, जितेंद्र साहनी, काजू, वीरेंद्र सिंह और अखिलेश यादव ने किया।

समिति अध्यक्ष दिलीप सिंह 'बंटी' ने बताया कि संस्था पिछले 26 वर्षों से लगातार अमरनाथ यात्रा के दौरान चंदनवाड़ी में विशाल भंडारे का संचालन कर रही है। इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं को भोजन, जलपान और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने कहा कि कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सेवादारों ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा का दायित्व निभाया।

उन्होंने जानकारी दी कि यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी भंडारे में पहुंचे और सेवादारों के साथ प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने बनारसी व्यंजनों, विशेष रूप से पूड़ी, कचौड़ी, जलेबी, दूध और बनारसी पान की सराहना करते हुए सेवा में जुटे स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।

दिलीप सिंह 'बंटी' ने कहा कि करीब सवा महीने तक परिवार से दूर रहकर श्रद्धालुओं की सेवा करना आसान नहीं होता, लेकिन समिति के सभी स्वयंसेवक बिना किसी पारिश्रमिक के सेवा को ही अपना धर्म मानते हैं। समिति में विभिन्न आयु वर्ग और अलग-अलग व्यवसायों से जुड़े लोग शामिल हैं, जो हर वर्ष अपने कार्यों से समय निकालकर बाबा बर्फानी के भक्तों की सेवा के लिए अमरनाथ पहुंचते हैं।

कार्यक्रम के अंत में समिति ने भंडारे के सफल संचालन में सहयोग देने वाले सभी सेवादारों, दानदाताओं, प्रशासन, सुरक्षा बलों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी इसी सेवा भावना और समर्पण के साथ अमरनाथ यात्रियों की सेवा जारी रखने का संकल्प दोहराया।