काशी में भव्य श्रीजगन्नाथ धाम का होगा निर्माण, 150 फीट से अधिक ऊंचा शिखर

श्री काशी विश्वनाथ धाम के बाद अब काशी के दक्षिणी क्षेत्र में ऐतिहासिक असि स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर को भव्य श्रीजगन्नाथ धाम के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। रथयात्रा मेले के समापन के बाद मंदिर परिसर में निर्माण कार्य का शुभारंभ इसी सप्ताह होने जा रहा है। प्रस्तावित धाम का शिखर 150 फीट से अधिक ऊंचा बनाया जाएगा, ताकि गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालु दूर से ही मंदिर के शिखर और ध्वज के दर्शन कर सकें।
 

गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालु दूर से ही शिखर और ध्वज को कर सकेंगे नमन

तीन साल में तैयार होगा भगवान जगन्नाथ का भव्य धाम, इसी सप्ताह शुरू होगा काम 

राजस्थान के धौलपुर से मंगाए गए हैं पत्थर, मंदिर के डिजाइन के अनुसार होगी कटिंग

नागर शैली में होगा निर्माण, कुशल इंजीनियर से कराई जाएगी मार्किंग और सर्वे 


वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम के बाद अब काशी के दक्षिणी क्षेत्र में ऐतिहासिक असि स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर को भव्य श्रीजगन्नाथ धाम के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। रथयात्रा मेले के समापन के बाद मंदिर परिसर में निर्माण कार्य का शुभारंभ इसी सप्ताह होने जा रहा है। प्रस्तावित धाम का शिखर 150 फीट से अधिक ऊंचा बनाया जाएगा, ताकि गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालु दूर से ही मंदिर के शिखर और ध्वज के दर्शन कर सकें।

मंगलवार को मंदिर परिसर में ट्रस्ट की बैठक में निर्माण कार्य की तैयारियों की समीक्षा की गई। ट्रस्ट श्रीजगन्नाथ जी के सचिव शैलेश त्रिपाठी ने बताया कि मंदिर का विकास श्री काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर किया जाएगा। धाम परिसर में भगवान गरुण का भव्य मंदिर भी बनाया जाएगा, जिसके निर्माण से परियोजना की शुरुआत होगी।

उन्होंने बताया कि बुधवार को इंजीनियर मंदिर परिसर का सर्वे और मार्किंग करेंगे। इसके बाद निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू कर दिया जाएगा। भगवान गरुण मंदिर के निर्माण के लिए राजस्थान के धौलपुर से विशेष पत्थर मंगाए गए हैं। इन पत्थरों की कटिंग पहले से तैयार मंदिर की डिजाइन के अनुसार की जा चुकी है। निर्माण कार्य के लिए राजस्थान से छह अनुभवी शिल्पकार भी वाराणसी पहुंच चुके हैं।

नागर शैली में होगा मंदिर का निर्माण
प्रस्तावित श्रीजगन्नाथ धाम का निर्माण भारतीय मंदिर वास्तुकला की नागर शैली में किया जाएगा। शास्त्रों के अनुरूप तैयार किए गए डिजाइन में मंदिर का शिखर विशेष आकर्षण होगा। इसे इस प्रकार बनाया जाएगा कि गंगा के घाटों से भी श्रद्धालु मंदिर के शिखर और ध्वज का सहज दर्शन कर सकें। ट्रस्ट के अनुसार पूरा मंदिर परिसर लगभग तीन वर्षों में बनकर तैयार होने का लक्ष्य रखा गया है।


धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बढ़ेगा महत्व
श्रीजगन्नाथ धाम बनने के बाद असि क्षेत्र का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाएगा। काशी विश्वनाथ धाम की तरह यहां भी श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे न केवल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित किया जा सकेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।

ट्रस्ट का मानना है कि यह धाम भगवान जगन्नाथ की परंपरा, काशी की धार्मिक विरासत और आधुनिक सुविधाओं का अद्भुत संगम होगा। निर्माण पूरा होने के बाद यह परिसर काशी के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल होगा और श्रद्धालुओं के लिए नई आस्था का केंद्र बनेगा।