वाराणसी में 20.69 करोड़ रुपये से बनेगा स्वामी विवेकानंद का भव्य स्मारक, अर्दली बाजार के गोपाल लाल विला का होगा कायाकल्प
- स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत विकसित होगा 'संध्यावास इंटरप्रिटेशन सेंटर'
- स्वामी विवेकानंद के काशी प्रवास और उनके विचारों से रूबरू हो सकेंगे पर्यटक
- विवेकानंद प्रवास संरक्षण समिति ने जताया आभार
वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में स्वामी विवेकानंद की ऐतिहासिक स्मृतियों को सहेजने के लिए भव्य स्मारक बनाने की योजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत काशी-सारनाथ हेरिटेज स्ट्रीटस्केप परियोजना में अर्दली बाजार स्थित ऐतिहासिक गोपाल लाल विला को 'संध्यावास इंटरप्रिटेशन सेंटर' के रूप में विकसित करने के लिए 20 करोड़ 69 लाख 30 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस परियोजना के जरिए स्वामी विवेकानंद के काशी प्रवास, उनके आध्यात्मिक विचारों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संदेशों को संरक्षित करने की योजना है।
केंद्र सरकार के इस फैसले पर विवेकानंद प्रवास संरक्षण समिति के संयोजक विनोद पांडेय 'भैया जी' एडवोकेट ने खुशी जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और क्षेत्रीय विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प तथा पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल का आभार व्यक्त किया है।
गोपाल लाल विला में बनेगा संध्यावास इंटरप्रिटेशन सेंटर
अर्दली बाजार स्थित गोपाल लाल विला का स्वामी विवेकानंद के काशी प्रवास से ऐतिहासिक संबंध बताया जाता है। इसी स्थल को अब स्मारक और व्याख्या केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है।
विवेकानंद प्रवास संरक्षण समिति के अनुसार, प्रस्तावित स्मारक में स्वामी विवेकानंद की काशी यात्राओं, उनके जीवन, आध्यात्मिक चिंतन और देश के प्रति उनके योगदान से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के साथ नई पीढ़ी को उनके विचारों से परिचित कराना है।
37.14 करोड़ की परियोजना में स्मारक के लिए 20.69 करोड़
केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत काशी-सारनाथ हेरिटेज स्ट्रीटस्केप परियोजना के लिए कुल 37 करोड़ 14 लाख 56 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें से 20 करोड़ 69 लाख 30 हजार रुपये विशेष रूप से गोपाल लाल विला में प्रस्तावित स्वामी विवेकानंद स्मारक और इंटरप्रिटेशन सेंटर के लिए निर्धारित किए गए हैं।
इस तरह कुल स्वीकृत बजट का आधे से अधिक हिस्सा स्मारक के विकास पर खर्च करने की योजना है। इससे ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण के साथ पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित होने की उम्मीद है।
लंबे समय से की जा रही थी स्मारक बनाने की मांग
विवेकानंद प्रवास संरक्षण समिति के संयोजक विनोद पांडेय 'भैया जी' एडवोकेट ने कहा कि अर्दली बाजार स्थित गोपाल लाल विला स्वामी विवेकानंद के काशी प्रवास का महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। समिति लंबे समय से इस स्थान को संरक्षित कर भव्य स्मारक बनाने की मांग कर रही थी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बजट स्वीकृत किए जाने से इस मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यह पहल स्वामी विवेकानंद के विचारों और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में सहायक होगी।
युवाओं और पर्यटकों के लिए बनेगा प्रेरणा केंद्र
प्रस्तावित इंटरप्रिटेशन सेंटर को विशेष रूप से युवाओं और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए उपयोगी बनाने की योजना है। यहां आने वाले लोग स्वामी विवेकानंद के जीवन, काशी से उनके जुड़ाव और उनके आध्यात्मिक एवं सामाजिक विचारों के बारे में जान सकेंगे।
समिति का मानना है कि इस स्मारक के विकसित होने से वाराणसी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। काशी आने वाले पर्यटकों को धार्मिक स्थलों के साथ स्वामी विवेकानंद से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत को देखने और समझने का अवसर मिलेगा।
समय से परियोजना पूरी कराने के लिए समिति करेगी सहयोग
विनोद पांडेय ने बताया कि विवेकानंद प्रवास संरक्षण समिति इस परियोजना को समय सीमा के भीतर पूरा कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ लगातार समन्वय बनाए रखेगी।
उन्होंने कहा कि समिति का प्रयास रहेगा कि गोपाल लाल विला का ऐतिहासिक महत्व सुरक्षित रखते हुए इसे एक ऐसे स्मारक के रूप में विकसित किया जाए, जहां आने वाले लोग स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
काशी में प्रस्तावित यह स्मारक स्वामी विवेकानंद से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के साथ शहर के सांस्कृतिक पर्यटन में एक नया आकर्षण जोड़ सकता है।