लंका के जायसवाल कटरा में दुकान में लगी आग, स्थानीय लोगों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

लंका थाना क्षेत्र के रविदास गेट से अस्सी घाट जाने वाले मार्ग पर स्थित जायसवाल कटरा में शुक्रवार को अचानक आग लगने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता और सूझबूझ के चलते समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन इसने बाजार क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
 

वाराणसी। लंका थाना क्षेत्र के रविदास गेट से अस्सी घाट जाने वाले मार्ग पर स्थित जायसवाल कटरा में शुक्रवार को अचानक आग लगने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता और सूझबूझ के चलते समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन इसने बाजार क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

कटरे में संचालित “इंजीनियर चाय वाला” नामक दुकान घटना के समय बंद थी। इसी दौरान आसपास मौजूद लोगों ने दुकान के भीतर से धुआं निकलते देखा। देखते ही देखते धुएं की मात्रा बढ़ने लगी, जिससे आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत दुकान मालिक को सूचना दी और दुकान का शटर खोला गया। अंदर आग लगी होने की पुष्टि होते ही लोगों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कटरे में किसी प्रकार का अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं था। ऐसे में शुरुआती समय में आग पर नियंत्रण पाने में कठिनाई हुई। इसके बावजूद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने साहस दिखाते हुए पास की दुकानों से पानी की व्यवस्था की और लगातार पानी डालकर आग को फैलने से रोक दिया। उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण आग कुछ ही देर में नियंत्रित हो गई।

घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए, जिससे कुछ समय के लिए सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा। हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद यातायात भी सुचारु रूप से शुरू हो गया। स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि व्यस्त बाजारों और कटरों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होना बेहद आवश्यक है। उनका मानना है कि यदि आग समय रहते नियंत्रित नहीं होती तो आसपास की अन्य दुकानों तक भी फैल सकती थी, जिससे बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता था।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बाजार क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नियमित जांच अभियान चलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।