गोला दीनानाथ में ड्राई फ्रूट कारोबारी ने किया था पटाखा निर्माण सामग्री का भारी मात्रा में भंडारण, छापेमारी में पुलिस 100 क्विंटल से अधिक माल पकड़ा, कारोबारी गिरफ्तार

कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित गोला दीनानाथ में पुलिस ने पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न रासायनिक सामग्रियों के बड़े भंडार का खुलासा किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार शाम छापेमारी की गई। इस दौरान मौके से कारोबारी राजू गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। बरामद सामग्री की मात्रा 100 क्विंटल से अधिक बताई जा रही है। इसकी कीमत करोड़ों रुपये होने की आशंका जताई जा रही है। 
 

वाराणसी। कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित गोला दीनानाथ में पुलिस ने पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न रासायनिक सामग्रियों के बड़े भंडार का खुलासा किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार शाम छापेमारी की गई। इस दौरान मौके से कारोबारी राजू गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। बरामद सामग्री की मात्रा 100 क्विंटल से अधिक बताई जा रही है। इसकी कीमत करोड़ों रुपये होने की आशंका जताई जा रही है। 

पुलिस को सूचना मिली थी कि गोला दीनानाथ क्षेत्र में ड्राई फ्रूट का कारोबार करने वाला राजू गुप्ता कथित तौर पर पटाखा निर्माण में प्रयुक्त होने वाली रासायनिक सामग्रियों का बड़े पैमाने पर भंडारण करता है। आरोप है कि यहां से छोटे और मध्यम स्तर के पटाखा निर्माताओं को सामग्री की आपूर्ति भी की जाती थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

कार्रवाई की शुरुआत उपनिरीक्षक रवि सिंह, चौकी प्रभारी सप्त सागर ने पुलिसकर्मियों के साथ की। मौके पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के बाद उन्होंने तत्काल थाना प्रभारी निरीक्षक को सूचना दी। इसके बाद क्षेत्राधिकारी और एसीपी स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के पहुंचने के बाद उनके निर्देशन में छापेमारी और जांच की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

पुलिस के अनुसार, मौके से बारूद, सल्फर, नीला थोथा, चारकोल, एल्युमिनियम पाउडर, फ्यूज सहित पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्रियां मिली हैं। बरामदगी के बाद सामग्री की गिनती, सत्यापन और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं देर रात तक जारी रहीं।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री कहां से लाई गई थी, इसका भंडारण किन परिस्थितियों में किया गया और इसकी आपूर्ति किन-किन लोगों को होती थी। संबंधित दस्तावेजों की जांच के साथ संभावित आपूर्ति नेटवर्क और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। बरामदगी की वास्तविक मात्रा, बाजार मूल्य और मामले में लागू होने वाली विधिक धाराओं के संबंध में अंतिम जानकारी जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।