केदारघाट पर गूंजेगा भक्ति और संगीत का संगम, भव्य केदारेश्वर संगीत समारोह
वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में एक बार फिर आध्यात्मिकता और संगीत का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। शहर के पावन केदारघाट स्थित श्री गौरी-केदारेश्वर मंदिर परिसर में 26 मार्च को सायंकाल 6 बजे से “श्री श्री केदारेश्वर संगीत समारोह” का भव्य आयोजन किया जाएगा। मां गंगा के तट पर होने वाला यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की गरिमा को एक साथ प्रस्तुत करेगा।
इस विशेष अवसर पर उत्तराम्नाय ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का सानिध्य प्राप्त होगा। उनकी उपस्थिति और आशीर्वचन से समारोह की आध्यात्मिक महत्ता और अधिक बढ़ जाएगी। श्रद्धालुओं और संगीत प्रेमियों के लिए यह क्षण अत्यंत विशेष और प्रेरणादायक रहने वाला है। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में दीन दयाल पाण्डेय शामिल होंगे। वहीं विशिष्ट अतिथियों की सूची में विश्वम्भर नाथ मिश्र, ए. राजलिंगम, लेखमणि त्रिपाठी और कौशल शर्मा जैसे गणमान्य व्यक्तित्व शामिल रहेंगे। इन सभी की उपस्थिति कार्यक्रम की गरिमा को और ऊंचाई प्रदान करेगी।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की विभिन्न विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें कर्नाटक संगीत की मधुर धुनें, सरोद वादन की गूंज, ओडिसी नृत्य की अभिव्यक्ति और भरतनाट्यम की भव्यता दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगी। कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान केदारेश्वर की आराधना करेंगे और साथ ही भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को मंच पर जीवंत करेंगे।
आयोजन का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक भावनाओं का प्रसार भी है। मां गंगा के पावन तट पर इस प्रकार का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगा, जहां संगीत और भक्ति का अद्भुत समागम देखने को मिलेगा। आयोजकों ने नगरवासियों, श्रद्धालुओं और संगीत प्रेमियों से आग्रह किया है कि वे अपने परिवार सहित इस भव्य सांस्कृतिक संध्या में भाग लें और आयोजन की शोभा बढ़ाएं। यह कार्यक्रम काशी की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का एक सार्थक प्रयास है।