72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप : महिला वर्ग में केरल और पुरुष वर्ग में रेलवे बने चैंपियन, प्रतियोगिता का हुआ भव्य समापन 

धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की नगरी काशी ने खेल जगत में भी एक नया अध्याय जोड़ दिया। सिगरा स्टेडियम के इंडोर कोर्ट पर रविवार को आठ दिवसीय 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का भव्य समापन हुआ। रोमांच, उत्साह और खेल भावना से भरपूर इस महाकुंभ में महिला वर्ग में केरल और पुरुष वर्ग में रेलवे ने ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं महिला वर्ग में रेलवे और पुरुष वर्ग में केरल को उपविजेता पदक से संतोष करना पड़ा। हार्ड लाइन मैचों में पुरुष वर्ग में पंजाब और महिला वर्ग में राजस्थान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किए।
 

वाराणसी। धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की नगरी काशी ने खेल जगत में भी एक नया अध्याय जोड़ दिया। सिगरा स्टेडियम के इंडोर कोर्ट पर रविवार को आठ दिवसीय 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का भव्य समापन हुआ। रोमांच, उत्साह और खेल भावना से भरपूर इस महाकुंभ में महिला वर्ग में केरल और पुरुष वर्ग में रेलवे ने ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं महिला वर्ग में रेलवे और पुरुष वर्ग में केरल को उपविजेता पदक से संतोष करना पड़ा। हार्ड लाइन मैचों में पुरुष वर्ग में पंजाब और महिला वर्ग में राजस्थान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किए।

फाइनल मुकाबलों के दौरान सिगरा स्टेडियम खचाखच भरा रहा। हजारों दर्शकों की तालियों और जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। काशी ने पहली बार इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी कर यह साबित कर दिया कि अब यह नगरी खेलों के बड़े आयोजनों के लिए भी पूरी तरह तैयार है।

पुरुष वर्ग: रेलवे का एकतरफा दबदबा, केरल को 3-0 से हराया
पुरुष वर्ग के फाइनल में भारतीय रेलवे की टीम ने अपने शानदार तालमेल, आक्रामक खेल और मजबूत डिफेंस के दम पर केरल को सीधे सेटों में 3-0 (25-19, 25-17, 25-19) से पराजित कर चैंपियनशिप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। पूरे मैच में रेलवे के खिलाड़ी पूरी तरह हावी नजर आए और केरल को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

रेलवे के कप्तान अंगामुथु ने टीम की कमान बखूबी संभाली। उनके पावरफुल स्मैश और सटीक रणनीति ने शुरुआत से ही केरल पर मानसिक दबाव बना दिया। रोहित कुमार ने अपने शानदार खेल कौशल से लगातार अंक जुटाए और आक्रमण को धार दी। नेट पर जॉर्ज एंटनी ने अपनी ऊंचाई और टाइमिंग का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए केरल के हमलों को बार-बार नाकाम किया।

एमिल टी. जोसेफ ने कोर्ट के मध्य से आक्रामक खेल दिखाकर विपक्षी रक्षापंक्ति को भेदा, जबकि समीर सीएच ने मैच के अंतिम क्षणों में निर्णायक अंक जुटाकर रेलवे की जीत पर मुहर लगाई। लिबरो आनंद के. ने बिजली जैसी फुर्ती दिखाते हुए कई असंभव गेंदों को बचाया और दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं।

उपविजेता रही केरल की टीम ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन रेलवे की मजबूत रणनीति के आगे वह लय नहीं पकड़ सकी। कप्तान सेथु टी.आर. ने टीम के लिए सर्वाधिक अंक जुटाए। एरीन वर्गीस ने कुछ आकर्षक स्मैश लगाए, जबकि मुजीब एम.सी. और राहुल के. ने डिफेंस में तालमेल बनाने की कोशिश की, लेकिन रेलवे की आंधी को रोकना उनके लिए मुश्किल साबित हुआ।

महिला वर्ग: पांच सेटों के रोमांच में केरल ने रेलवे को दी मात
महिला वर्ग का फाइनल मुकाबला इस चैंपियनशिप का सबसे रोमांचक और यादगार मैच बन गया। केरल की बेटियों ने भारतीय रेलवे को 3-2 (22-25, 25-20, 25-15, 22-25, 15-8) से हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

 

मैच की शुरुआत रेलवे ने की और पहला सेट 25-22 से जीतकर बढ़त बना ली। इसके बाद केरल की टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए दूसरा और तीसरा सेट क्रमशः 25-20 और 25-15 से अपने नाम कर लिया। चौथे सेट में रेलवे ने अनुभव का परिचय देते हुए 25-22 से जीत दर्ज कर मुकाबले को निर्णायक सेट में पहुंचाया।

पांचवें और अंतिम सेट में केरल की आक्रामकता अपने चरम पर थी। दमदार स्मैश, मजबूत ब्लॉक और शानदार डिफेंस के सामने रेलवे पूरी तरह दबाव में आ गई और केरल ने 15-8 से सेट जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।

केरल की जीत की सूत्रधार रहीं अनुश्री, जिनके पावरफुल और सटीक स्मैश ने रेलवे के डिफेंस को बार-बार तोड़ा। लिबरो शिवप्रिया जी. ने गजब की फुर्ती दिखाते हुए कई कठिन गेंदों को बचाया और उन्हें काउंटर अटैक में बदला। नेट पर अनघा आर. एक अभेद्य दीवार की तरह खड़ी रहीं। नंदना वी. और अन्ना मैथ्यू ने अनुभव का परिचय देते हुए महत्वपूर्ण क्षणों में अंक बटोरे। एन.वी. जैकब की सर्विस और पासिंग ने टीम को मजबूत शुरुआत दी। कोच डॉ. सदानंदन सी.एस. के मार्गदर्शन में केरल की टीम ने अनुशासन और जज्बे का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

हार्ड लाइन मुकाबले: पंजाब और राजस्थान का जलवा
चैंपियनशिप के अंतिम दिन खेले गए हार्ड लाइन मुकाबलों में पंजाब और राजस्थान की टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर कांस्य पदक हासिल किए।


पुरुष वर्ग में पंजाब ने सर्विसेज को 3-0 (25-21, 25-23, 25-18) से हराकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। जसजोत सिंह और प्रीत करन के स्मैश ने सर्विसेज के डिफेंस को तोड़ा। कुलदीप सिंह और प्रिंस ने नेट पर मजबूत ब्लॉक लगाए, जबकि लिबरो जगसीर सिंह ने शानदार डिफेंस किया।

महिला वर्ग में राजस्थान ने हरियाणा को 3-1 (25-14, 25-12, 20-25, 25-14) से पराजित कर कांस्य पदक अपने नाम किया। गुंजन रानी की सूझबूझ भरी पासिंग और आयुषी भंडारी व रितु बिजारणिया की नेट पर मजबूत मौजूदगी ने राजस्थान को जीत दिलाई।

भव्य पुरस्कार वितरण समारोह
नगर निगम की ओर से आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि रहे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा व धर्मेन्द्र राय, वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा, गुजरात के पूर्व विधायक जगदीश पटेल, बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. पंजाब सिंह, पूर्व महापौर कोशलेंद्र सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और खेल जगत की हस्तियां मौजूद रहीं। सभी ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी व पदक प्रदान कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।


काशी ने पहली बार मेजबानी कर रचा इतिहास
नगर निगम वाराणसी द्वारा प्रधानमंत्री के ‘खेलो इंडिया’ अभियान से प्रेरित होकर आयोजित इस चैंपियनशिप ने काशी को खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाई। 4 जनवरी को प्रधानमंत्री ने वर्चुअल शुभारंभ किया था, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।

आयोजन समिति के अध्यक्ष व महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश को 42 वर्षों बाद इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला। इससे पहले 1984 में कानपुर में सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप आयोजित हुई थी। खास बात यह रही कि पूरे पूर्वांचल में पहली बार राष्ट्रीय स्तर का वॉलीबॉल आयोजन हुआ।

एक नजर में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप
•    30 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी
•    1044 खिलाड़ी
•    पुरुष वर्ग में 30 और महिला वर्ग में 28 टीमें
•    100 मैच रेफरी
•    60 भारतीय वॉलीबॉल संघ के अधिकारी व चयनकर्ता
•    200 वालंटियर्स
•    700 होटल कमरे आरक्षित
•    प्रतिदिन लगभग 2000 लोगों के लिए भोजन व्यवस्था
•    500 से अधिक होर्डिंग्स व यूनिपोल से प्रचार
•    खिलाड़ियों के लिए गंगा दर्शन हेतु क्रूज व स्टीमर की व्यवस्था

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