वाराणसी में 51 आंगनवाड़ी सहायिकाओं को मिला नियुक्ति पत्र, सर्किट हाउस में हुआ सम्मान समारोह
वाराणसी। जिले में आंगनवाड़ी सहायिकाओं के लिए बड़ी सौगात सामने आई है। प्रदेश स्तर पर आयोजित कार्यक्रम के क्रम में जिले के सर्किट हाउस सभागार में 51 आंगनवाड़ी सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। यह कार्यक्रम प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ से आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम से जुड़ा हुआ था।
प्रदेशभर में 17,500 सहायिकाओं को मिला नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश में लगभग 17,500 आंगनवाड़ी सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। इसी क्रम में वाराणसी जनपद में 51 महिलाओं को यह अवसर मिला है, जो उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा।
बच्चों के भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं आंगनवाड़ी केंद्र
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के सर्वांगीण विकास का मजबूत आधार हैं। यहां छह वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बच्चों का यही प्रारंभिक दौर उनके भविष्य की दिशा तय करता है, इसलिए आंगनवाड़ी व्यवस्था समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
महिलाओं को रोजगार और बच्चों को बेहतर भविष्य-सरकार की दोहरी पहल
जिला पंचायत अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार एक तरफ महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है, वहीं दूसरी ओर बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है। यह पहल सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर सकारात्मक बदलाव लाएगी।
नियुक्ति पत्र पाकर सहायिकाओं में उत्साह, जिम्मेदारी निभाने का संकल्प
नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाली सहायिकाओं ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके लिए गर्व और खुशी का क्षण है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मानदेय बढ़ाने की बात भी कही है। साथ ही सभी सहायिकाओं से अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने और गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षा व देखभाल देने का आह्वान किया गया है।
गांव से देश तक विकास की मजबूत नींव
सहायिकाओं ने कहा कि यदि बच्चों को सही दिशा, शिक्षा और संस्कार मिलते हैं, तो वे आगे चलकर न केवल अपने गांव बल्कि पूरे देश के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और पोषण के स्तर में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
देखें तस्वीरें