एक कमरे से कंट्रोल होंगे 50 उपकेंद्र, शटडाउन के लिए एमडी कार्यालय से लेनी होगी अनुमति
फॉल्ट और ट्रिपिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने की कवायद, कटौती की निगरानी के लिए बनेगा कंट्रोल रूम
वाराणसी। आगामी गर्मी में जिले के उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने और फॉल्ट, ट्रिपिंग, ट्रांसफार्मर जलने तथा शटडाउन जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बिजली विभाग नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से करीब 50 उपकेंद्रों की निगरानी की जाएगी। किसी भी प्रकार के शटडाउन के लिए एमडी कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
पूर्वांचल डिस्कॉम स्तर पर इस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। कंट्रोल रूम से सभी उपकेंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। फॉल्ट, ट्रिपिंग या अन्य तकनीकी समस्या सामने आने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी जाएगी, जिससे विद्युत आपूर्ति बहाल करने में लगने वाला समय कम किया जा सके।
विभाग का उद्देश्य अनावश्यक विद्युत कटौती और तकनीकी व्यवधानों पर नियंत्रण करना है। नई व्यवस्था के तहत शटडाउन लेने की प्रक्रिया को भी अधिक नियंत्रित किया जाएगा। किसी उपकेंद्र अथवा क्षेत्र में शटडाउन की आवश्यकता होने पर संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति लेनी होगी। इससे बिना पूर्व अनुमति के बिजली बंद किए जाने की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति देने पर जोर
अधिकारियों के मुताबिक गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने के साथ फॉल्ट और ट्रांसफार्मर जलने जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में उपकेंद्रों की लगातार निगरानी और तकनीकी खामियों पर तत्काल कार्रवाई बेहद जरूरी है। केंद्रीय कंट्रोल रूम के माध्यम से विभिन्न उपकेंद्रों से जुड़ी जानकारी एक स्थान पर उपलब्ध रहने से विभागीय अधिकारियों को स्थिति पर तेजी से नजर रखने में मदद मिलेगी।
विभाग की ओर से उपभोक्ताओं की निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ट्रांसफार्मर, डिवाइडर तथा अन्य विद्युत उपकरणों की स्थिति पर भी नजर रखने की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, फॉल्ट की स्थिति में संबंधित टीम को तत्काल मौके पर भेजने की योजना है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार के हवाले से बताया गया है कि उपभोक्ताओं के निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने को विभाग की प्राथमिकता में रखा गया है। गर्मी के दौरान बढ़ने वाली बिजली की मांग को देखते हुए व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।