बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ और योग से दिया सुरक्षा व स्वस्थ जीवन का संदेश

बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) परिसर में रविवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का 42वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आरपीएफ अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बैरक परिसर में रात्रि में ‘बड़ा खाना’ का आयोजन भी किया गया।
 

वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) परिसर में रविवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का 42वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आरपीएफ अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बैरक परिसर में रात्रि में ‘बड़ा खाना’ का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ‘साहस, सेवा और संकल्प’ की भावना के साथ किया गया। आरपीएफ कर्मियों ने रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की संरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता का संदेश
स्थापना दिवस पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ में आरपीएफ अधिकारियों और बल सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इसके माध्यम से एकता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया गया। वहीं, योग कार्यक्रम के जरिए स्वस्थ जीवनशैली और शारीरिक एवं मानसिक फिटनेस के महत्व को रेखांकित किया गया।

पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बरेका स्थित आरपीएफ बैरक परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इस दौरान बल सदस्यों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। अधिकारियों ने पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में सामूहिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।

स्वच्छता अभियान चलाकर किया श्रमदान
‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत बैरक परिसर में साफ-सफाई की गई। स्वच्छता गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छ परिसर, स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया गया। जवानों ने परिसर को साफ रखने के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।


20 सितंबर 1985 को मिला था सशस्त्र बल का दर्जा
रेलवे सुरक्षा बल को 20 सितंबर 1985 को संघ के सशस्त्र बल का दर्जा प्रदान किया गया था। रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम, 1957 में संशोधन के बाद यह प्रावधान प्रभावी हुआ। आरपीएफ का दायित्व रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के साथ यात्रियों और यात्री क्षेत्रों की सुरक्षा से भी जुड़ा है। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, सहायक सुरक्षा आयुक्त, निरीक्षकगण और बल के सदस्य मौजूद रहे। रात्रि में आयोजित ‘बड़ा खाना’ का उद्देश्य बल सदस्यों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करना रहा।

जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार के अनुसार, स्थापना दिवस कर्तव्य, अनुशासन, साहस और सेवा भावना के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। बरेका आरपीएफ रेल यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के दायित्व को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।