झारखंड में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 4 किलो सोने की डकैती, तीन आरोपी वाराणसी से गिरफ्तार
वाराणसी। झारखंड में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई 4 किलो सोने की डकैती के मामले में एसटीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। इस डकैती में करीब 42 लाख रुपये नकद भी लूटे गए थे।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंकज सिंह उर्फ सोनू, सौरभ यादव उर्फ मोनू और मोहम्मद अफजल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये सभी अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य हैं और लंबे समय से बैंक डकैती की घटनाओं में शामिल रहे हैं।
टीवी देखकर रची थी साजिश
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ओडिशा में बैंक में हुई डकैती की घटना टीवी पर देखी थी। इसके आधार पर ही डकैती की साजिश रची और 24 अप्रैल को वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। इसके बाद गिरोह के सरगना मोहम्मद अफजल ने अपने साथियों के साथ मिलकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा को निशाना बनाया।
पहले भी कर चुके हैं कई वारदात
एसटीएफ के अनुसार, गिरोह के सदस्य पहले भी झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में कई डकैती की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। अफजल का आपराधिक इतिहास 2008 से जुड़ा है और वह पहले भी कई मामलों में जेल जा चुका है। जेल में ही उसकी मुलाकात अन्य अपराधियों से हुई, जिसके बाद उन्होंने संगठित गिरोह बनाकर घटनाओं को अंजाम देना शुरू किया।
17 अप्रैल को करनी थी डकैती
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने 17 अप्रैल को ही डकैती की योजना बनाई थी, लेकिन संसाधनों और रुपये की कमी के चलते इसे टाल दिया गया। बाद में पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया गया।
बैंक कर्मियों को बनाया बंधक
डकैती के दौरान आरोपियों ने बैंक कर्मचारियों को बंधक बना लिया और उनकी कनपटी पर पिस्टल लगाकर स्ट्रांग रूम खुलवाया। इसके बाद लॉकर से सोना और नकदी लूटकर फरार हो गए।
वाराणसी में छिपे थे आरोपी
घटना के बाद गिरोह का मास्टरमाइंड बिहार नवादा के नरहट थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मत अफजल, गोरखपुर के गुलहरिया थाना क्षेत्र के बनगई निवासी पंकज सिंह ऊर्फ रौनक और मऊ के दोहरीघाट ताना क्षेत्र के सियरही निवासी सौरभ यादव वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र में छिपे हुए थे, जहां से एसटीएफ और झारखंड पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट से संबंधित साक्ष्य भी बरामद किए हैं।