वाराणसी में धान खरीद के लिए 39 केंद्र तैयार, सामान्य धान का भाव 2441 और ग्रेड-ए का 2461 रुपये प्रति क्विंटल

धान खरीद की तैयारियों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में केंद्र प्रभारियों की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें अधिकारियों ने धान खरीद की निर्धारित प्रक्रिया, किसानों के पंजीकरण, भुगतान व्यवस्था और क्रय केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। जिला खरीद अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) अमित कुमार भारतीय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि क्रय केंद्रों पर धान बेचने आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खरीद प्रक्रिया में लापरवाही और अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
 

केंद्र प्रभारियों को किसानों की सुविधा और पारदर्शी खरीद के निर्देश, अब तक 555 किसानों ने कराया पंजीकरण

वाराणसी। धान खरीद की तैयारियों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में केंद्र प्रभारियों की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें अधिकारियों ने धान खरीद की निर्धारित प्रक्रिया, किसानों के पंजीकरण, भुगतान व्यवस्था और क्रय केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। जिला खरीद अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) अमित कुमार भारतीय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि क्रय केंद्रों पर धान बेचने आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खरीद प्रक्रिया में लापरवाही और अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिले में धान खरीद के लिए कुल 39 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 18, पीसीएफ के 13, पीसीयू के पांच, मंडी समिति के दो और भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र शामिल है। शासन की ओर से इस वर्ष सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान का समर्थन मूल्य 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। कार्यशाला में जिला खरीद अधिकारी ने किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि किसान स्वयं मोबाइल फोन, किसान मित्र ऐप अथवा साइबर कैफे के माध्यम से खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in पर पंजीकरण करा सकते हैं। धान खरीद का भुगतान सीधे किसानों के आधार लिंक्ड और एनपीसीआई मैप्ड बैंक खातों में किया जाएगा। इससे भुगतान व्यवस्था पारदर्शी और सुगम बनी रहेगी।

अधिकारियों ने फार्मर आईडी के आधार पर धान खरीद की व्यवस्था की भी जानकारी दी। बताया गया कि जिन किसानों की फार्मर आईडी उपलब्ध है, उन्हें धान बेचने के लिए विभागीय पोर्टल पर अलग से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उन्हें खाद्य विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। अधिकारियों के अनुसार अब तक जिले के 555 किसानों ने धान विक्रय के लिए पंजीकरण कराया है।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश कुमार झा ने पिछले वर्ष की तुलना में इस बार क्रय नीति में किए गए बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने एनामोली डिटेक्शन, नामिनी प्रक्रिया, हैंडलिंग और परिवहन ठेकेदारों से संबंधित प्रावधानों को विस्तार से समझाया। जिला खरीद अधिकारी ने सभी केंद्र प्रभारियों को शासन की मंशा के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ खरीद करने और किसानों को निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता सुरेंद्र मौर्य ने पीसीएफ और पीसीयू के केंद्र प्रभारियों को समय से केंद्रों पर उपस्थित रहने तथा किसानों के साथ अच्छा व्यवहार करने की हिदायत दी। कार्यशाला में मंडी समिति, श्रम विभाग, भारतीय खाद्य निगम और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ ई-पॉप मशीन के इंजीनियर, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक और सभी क्रय केंद्र प्रभारी मौजूद रहे।