वाराणसी में 355 स्कूली बसों का फिटनेस फेल, 452 की परमिट नहीं, कार्रवाई की तैयारी में परिवहन विभाग
वाराणसी। नए शैक्षणिक सत्र के एक जुलाई से शुरू होने से पहले परिवहन विभाग ने स्कूल बसों की सुरक्षा और वैध दस्तावेजों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। जिले में पंजीकृत 2,595 स्कूल बसों में से 355 बसें फिटनेस जांच में फेल हो गई हैं, जबकि 452 बसों का परमिट ही नहीं लिया गया है। ऐसे वाहनों के खिलाफ विभाग ने कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन को तीन-तीन बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कई संस्थानों ने बसों की फिटनेस और परमिट संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं कीं। ऐसे में एक जुलाई से इन बसों का सड़क पर संचालन नहीं होने दिया जाएगा। यदि इसके बावजूद कोई बस संचालित मिली तो उसका पंजीकरण निलंबित करने, जुर्माना लगाने और वाहन सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि सभी स्कूलों को अपने वाहनों का विवरण परिवहन विभाग के पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। फिटनेस फेल और बिना परमिट वाली बसों के संबंध में स्कूल प्रबंधन को कई बार नोटिस भेजे जा चुके हैं। यदि सड़क पर संचालन के दौरान किसी प्रकार की कमी या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया तो तत्काल कार्रवाई होगी। विभाग के अनुसार, बसों की फिटनेस जांच के दौरान ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स और स्पीड गवर्नर सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाती है। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) राजेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक स्कूल यह सुनिश्चित करे कि बस चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, बैज और पर्याप्त अनुभव हो। साथ ही बसों में सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र और प्राथमिक उपचार किट जैसी आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें।