251 कलश गंगाजल से हुआ गौरी केदारेश्वर का जलाभिषेक, करपात्र प्राकट्योत्सव की भव्य पूर्णाहुति
धर्मसंघ से निकली विशाल शोभायात्रा, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजी काशी
करपात्र धाम में श्रद्धालुओं ने की गुरु वंदना, शहनाई की मंगल ध्वनि के साथ हुआ शोभायात्रा का शुभारंभ
स्वास्तिकयुक्त पीले रंग की धर्मध्वजा लेकर शोभायात्रा में शामिल हुए बटुक और दंडी सन्यासी
वाराणसी। 119वें करपात्र प्राकट्योत्सव के सप्तम (सातवें) एवं अंतिम दिन सोमवार को दुर्गाकुंड स्थित श्रीधर्मसंघ शिक्षा मंडल के प्रांगण से श्रीगौरी केदारेश्वर जलाभिषेक यात्रा निकाली गई। सप्ताहव्यापी धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति के अवसर पर निकली भव्य शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों ने 251 कलशों में गंगाजल लेकर गौरी केदारेश्वर का जलाभिषेक किया। इस दौरान पूरा मार्ग हर-हर महादेव, काशी विश्वनाथ गंगे और ॐ नम: शिवाय के जयघोष से गूंजता रहा।
शोभायात्रा का शुभारंभ सुबह करीब 7:30 बजे धर्मसंघ परिसर स्थित मणि मंदिर से शहनाई की मंगल ध्वनि के बीच हुआ। धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी के पावन सानिध्य में निकली यात्रा में सबसे आगे फूलों से सजे वाहन पर धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज का चित्र विराजमान था। इसके पीछे पीत रंग की स्वास्तिक युक्त धर्मध्वजा लेकर बटुक चल रहे थे। उनके साथ दंडी संन्यासियों का समूह भी यात्रा में शामिल रहा।
धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी बग्घी पर सवार होकर यात्रा का नेतृत्व कर रहे थे। उनके पीछे बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष श्रद्धालु सिर पर मिट्टी के कलश लेकर चल रहे थे। श्रद्धालु लगातार ‘हर-हर महादेव शंभु’, ‘काशी विश्वनाथ गंगे’ और ‘ॐ नम: शिवाय’ का जाप करते हुए आगे बढ़ रहे थे। यात्रा के दौरान ‘धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो’ के उद्घोष भी किए गए।
शोभायात्रा धर्मसंघ से निकलकर गुरुधाम, चेतमणि चौराहा, विजया तिराहा, भेलूपुर और सोनारपुरा होते हुए केदार घाट पहुंची। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गौरी केदारेश्वर का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी और महामंत्री पं. जगजीतन पांडेय ने सर्वप्रथम षोडशोपचार विधि से बाबा का पूजन किया। इसके बाद स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी ने दूध और गंगाजल से भगवान गौरी केदारेश्वर का अभिषेक किया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने 251 कलशों में लाए जल से बाबा का सामूहिक जलाभिषेक किया।
करपात्र धाम में हुई गुरु वंदना
जलाभिषेक के बाद धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी, पं. जगजीतन पांडेय और श्रद्धालुओं का समूह केदार घाट स्थित करपात्र धाम पहुंचा। यहां देव विग्रहों का पूजन-अर्चन करने के बाद श्रद्धालुओं ने परमपूज्य गुरुदेव धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की प्रतिमा पर शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसी के साथ सप्ताहव्यापी 119वें करपात्र प्राकट्योत्सव का विधिवत समापन और पूर्णाहुति हुई।