रमना पीएचसी में 236 मरीजों की जांच, संचारी रोगों से बचाव के लिए लोगों को किया जागरूक
सीएमओ डॉ. एनपी सिंह के निर्देशन में चला अभियान, स्वच्छता और समय पर उपचार के प्रति लोगों को किया गया जागरूक
वाराणसी। संचारी रोगों की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), रमना में स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रभारी राजकीय चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 236 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के बाद मरीजों को उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के अनुसार आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एनपी सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही लोगों को विभिन्न संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को बताया कि साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने से कई बीमारियों के प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है।
स्वच्छता और मच्छरों से बचाव पर जोर
स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम के दौरान लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की जानकारी दी गई। लोगों को अपने आसपास सफाई रखने तथा संक्रमण के संभावित स्रोतों को समाप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान का उद्देश्य बीमारी के लक्षणों की समय पर पहचान कर मरीजों को उचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।
लक्षण दिखने पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए जनसहभागिता और जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार या बीमारी के अन्य लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और समय रहते नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लें। उन्होंने स्वच्छता संबंधी उपायों को दैनिक जीवन में अपनाने की भी अपील की।
जनस्वास्थ्य संरक्षण पर विभाग का जोर
सीएमओ डॉ. एनपी सिंह के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग संचारी रोगों की रोकथाम, जनजागरूकता और आमजन तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए अभियान चला रहा है। रमना पीएचसी में 236 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण इसी प्रयास का हिस्सा रहा। अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक करने और बीमारियों की समय पर पहचान सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।