'फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल' में मांडविया का आह्वान- रोज एक घंटा खेल-कूद को दें

 


नई दिल्ली, 05 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने रविवार को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से 'फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल' के 80वें संस्करण का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मोबाइल स्क्रीन से कम से कम एक घंटा निकालकर उस समय को खेल-कूद जैसी गतिविधियों के जरिए अपनी सेहत के लिए समर्पित करें।

इस कार्यक्रम का आयोजन आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर श्री सत्य साईं सेवा संगठनों के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी में 9000 से ज्यादा लोगों ने जुम्बा और योग सत्रों के अलावा कम्युनिटी रन और राइड में पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। इसके अलावा आर्ट ऑफ लिविंग, हार्टफुलनेस और ईशा फाउंडेशन के सहयोग से भी साइकिलिंग ड्राइव आयोजित की गई।

केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा कि सभी नागरिकों के लिए फिटनेस जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य रखा है। किसी भी देश के विकसित राष्ट्र बनने के लिए वहां के नागरिकों का स्वास्थ्य जरूरी है और स्वस्थ रहने के लिए नागरिकों का फिट होना भी जरूरी है। 'संडेज ऑन साइकिल' प्रधानमंत्री के 'फिट इंडिया' अभियान का ही एक हिस्सा है। सभी लोगों को अपने दिल और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए दौड़ना या साइकिलिंग करनी चाहिए।

कम्युनिटी फिटनेस राइड की शुरुआत डॉ. मांडविया ने वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन के साथ की। उनके साथ श्री सत्य साईं सेवा संगठन के अखिल भारतीय अध्यक्ष निमिश गुलाबराय पांड्या, सचिव (खेल) हरि रंजन राव, कॉर्पोरेट मामलों की सचिव दीप्ति मुखर्जी और अन्य मौजूद थे। कम्युनिटी फिटनेस राइड शुरू होने से पहले 'नशा मुक्त भारत' की सार्वजनिक शपथ भी ली गई।

इस इवेंट के बारे में बात करते हुए निमिश पांड्या ने कहा कि फिट इंडिया का मकसद हर भारतीय नागरिक को फिट और सेहतमंद बनाना है, जबकि 'श्री सत्य साई सेवा संगठन' का मकसद है- सबसे प्यार करो, सबकी सेवा करो। इसलिए, 'संडेज ऑन साइकिल' के इस 80वें संस्करण के लिए दोनों संस्थाओं का एक साथ आना एक बेहतरीन मेल है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अच्छी आदतें अपनानी चाहिए, क्योंकि कहा जाता है कि एक अच्छे शरीर में ही अच्छा मन और आत्मा बसती है। युवाओं को अपने शरीर का अच्छी तरह से ध्यान रखना चाहिए। यही हमारी भारतीय संस्कृति की नींव भी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह