केंद्रीय खेल मंत्री मांडविया ने युवाओं से ‘विकसित भारत’ के निर्माण का किया आह्वान

 


नई दिल्ली, 10 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के उद्घाटन समारोह में देश के युवाओं को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की जिम्मेदारी संभालने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि देश के 140 करोड़ नागरिक मिलकर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करें, जिसमें युवाओं की भूमिका सबसे अहम होगी। उन्होंने कहा, “आप देश का भविष्य हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के निर्माण की जिम्मेदारी युवाओं को सौंपी है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से उन्होंने स्पष्ट कहा था कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकार नहीं, बल्कि देश के सभी 140 करोड़ नागरिक मिलकर करेंगे और इसमें युवा मशाल वाहक होंगे।”

मांडविया ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपने कौशल, ऊर्जा व नवाचार के माध्यम से देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'आप जैसे युवा देश का भविष्य हैं।' हमें 'विकसित भारत' का राही अपने देश के युवाओं को बनाना है।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने भी युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता भारी बलिदानों की कीमत पर मिली है। उन्होंने युवाओं से इतिहास से प्रेरणा लेकर देश के पुनर्निर्माण और एक सशक्त, महान भारत के निर्माण के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

डोभाल ने कहा, “आज का स्वतंत्र भारत हमेशा ऐसा नहीं था। हमारे पूर्वजों ने स्वतंत्रता के लिए अपार कष्ट सहे, अपमान झेला और असहायता के दौर देखे। गांव जलाए गए, सभ्यता को नुकसान पहुंचाया गया और मंदिरों को लूटा गया। यह इतिहास आज के युवाओं के लिए एक चुनौती है, जो उन्हें देश को फिर से उसके गौरवशाली स्थान पर पहुंचाने की प्रेरणा देता है।”

'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2.0' शनिवार से शुरू होकर 12 जनवरी तक भारत मंडपम में होगा। इसका पहला संस्करण जनवरी 2025 में आयोजित हुआ था। यह संवाद भारत की विकास यात्रा में युवाओं की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे