यूएस ओपन: सिनियाकोवा और टाउनसेंड ने जीता महिला युगल का खिताब

 


न्यूयॉर्क, 12 सितंबर (हि.स.)। शीर्ष वरीयता प्राप्त कैटरीना सिनियाकोवा और टेलर टाउनसेंड ने शुक्रवार को अमेरिकी वाइल्ड कार्ड जोड़ी एशलिन क्रूगर और रॉबिन मोंटगोमरी को हराकर यूएस ओपन महिला युगल खिताब जीत लिया। सिनियाकोवा और टाउनसेंड ने फाइनल में 5-7, 6-0, 6-2 से जीत दर्ज की और इसके साथ ही टीम के रूप में करियर ग्रैंड स्लैम पूरा किया।

इस जीत के साथ सिनियाकोवा के ग्रैंड स्लैम महिला युगल खिताबों की संख्या 12 हो गई। वह दो अलग-अलग खिलाड़ियों के साथ करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने इससे पहले अपनी हमवतन बारबोरा क्रेजिकोवा के साथ यह उपलब्धि हासिल की थी।

वहीं, टाउनसेंड महिला युगल में करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने वाली मौजूदा खिलाड़ियों में छठी खिलाड़ी बन गईं। सिनियाकोवा और टाउनसेंड ने 2024 में विंबलडन, 2025 में ऑस्ट्रेलियन ओपन और इस साल फ्रेंच ओपन का महिला युगल खिताब भी जीता था।

फाइनल में सिनियाकोवा और टाउनसेंड ने धीमी शुरुआत की और पहला सेट 5-7 से गंवा दिया। हालांकि दूसरे सेट में दोनों ने शानदार वापसी की। शुरुआती गेम में 40-30 से पिछड़ने के बाद उन्होंने अगले 27 में से 23 अंक जीतकर दूसरा सेट 6-0 से अपने नाम किया और मुकाबले को निर्णायक सेट में पहुंचा दिया।

निर्णायक सेट में शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी ने शुरुआती ब्रेक हासिल किया और सिनियाकोवा ने अपनी सर्विस बिना कोई अंक गंवाए बरकरार रखते हुए 3-1 की बढ़त बना ली। इसके बाद टाउनसेंड ने भी चार अंकों वाला सर्विस गेम जीतकर बढ़त 4-2 कर दी। अंततः दोनों ने निर्णायक सेट 6-2 से जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।

पहले सेट में सिनियाकोवा और टाउनसेंड ने लगातार 13 अंक जीतकर स्कोर 4-4 कर दिया था। इसके बाद सिनियाकोवा ने टाईब्रेक की ओर बढ़ने के प्रयास में सर्विस करते हुए तीन डबल फॉल्ट किए, जिसमें सेट प्वाइंट पर किया गया डबल फॉल्ट भी शामिल था।

ट्रॉफी समारोह में सिनियाकोवा ने कहा, “बहुत नर्वस थी, कई फाइनल खेले हैं, लेकिन अंत में हम इसे हासिल करने में सफल रहे। मुझे हमारी लड़ाई और हमारे रिश्ते पर बहुत गर्व है। मेरे साथ बने रहने के लिए धन्यवाद। मुझे उम्मीद है कि यह अंत नहीं है और हम आगे भी और फाइनल खेलने आएंगे।”

टाउनसेंड ने कहा, “एक वयस्क खिलाड़ी के रूप में यहां आकर जीतना, आर्थर ऐश स्टेडियम में खेलना और यह ट्रॉफी उठाना मेरे लिए बेहद खास है, क्योंकि मैं उन चीजों को नहीं भूलती, जिनसे मैं गुजरी हूं।”

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे