भारतीय निशानेबाजी आने वाले चार वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी : मेराज अहमद
नई दिल्ली, 03 सितंबर (हि.स.)। दो बार के ओलंपियन मेराज अहमद खान को भरोसा है कि भारतीय निशानेबाजी आने वाले चार वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। 50 वर्षीय मेराज आगामी एशियाई खेलों के लिए भारतीय शॉटगन टीम के 12 सदस्यीय तैयारी शिविर का हिस्सा हैं और इस बार एशियाई खेलों में अपने पहले पदक के लिए निशाना साधेंगे।
मेराज ने साई मीडिया से बातचीत में कहा, “देखिए, हर खिलाड़ी जीतने की उम्मीद करता है, लेकिन मेरा मानना है कि अगर आप कम उम्मीदों के साथ प्रतियोगिता में उतरते हैं तो यह आपके लिए बेहतर होता है। क्योंकि अगर आप उम्मीदों के साथ जाते हैं तो आप पहले ही भविष्य में पहुंच चुके होते हैं, आप वर्तमान में नहीं होते। आपको उस खास समय में जो करना है, उसी पर ध्यान केंद्रित करना होता है।”
एशियाई खेलों से पहले शॉटगन निशानेबाजों का 15 दिवसीय तैयारी शिविर 14 सितंबर तक चलेगा। इसमें ट्रैप और स्कीट के छह-छह, कुल 12 निशानेबाज हिस्सा ले रहे हैं। शॉटगन स्पर्धाएं 21 सितंबर से जापान के टोयोटा शहर स्थित आइची प्रीफेक्चुरल जनरल शूटिंग गैलरी में शुरू होंगी।
2016 रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय स्कीट निशानेबाज बने मेराज ने दो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वह तीन दशक से अधिक समय से शीर्ष स्तर पर निशानेबाजी कर रहे हैं और अभी भी अपने खेल को लेकर उतने ही उत्साहित हैं।
एशियाई खेलों की तैयारियों पर मेराज ने कहा, “हम एशियाई खेलों के लिए बहुत अच्छी तैयारी कर रहे हैं। डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में हमारे शॉटगन शिविर में पूरी टीम मौजूद है। भारतीय खेल प्राधिकरण ने हमारे लिए हर चीज की व्यवस्था की है। हमारे पास शारीरिक और कंडीशनिंग प्रशिक्षक, फिजियो, विदेशी कोच रिकार्डो फिलिपेली, मुख्य कोच अमरिंदर सिंह चीमा और अन्य सभी सहयोगी स्टाफ मौजूद हैं। मुझे लगता है कि तैयारी के लिए यह बहुत उपयोगी शिविर है और इंशाअल्लाह, एशियाई खेलों में इसका फायदा मिलेगा।”
1994 में निशानेबाजी करियर शुरू करने वाले मेराज ने भारतीय शॉटगन के भविष्य को लेकर भी बड़ा भरोसा जताया। उन्होंने कहा, “अगर हम शॉटगन की बात करें तो स्कीट और ट्रैप दोनों बहुत अच्छी तरह आगे आए हैं और आने वाले समय में यह और बेहतर होगा।” मेराज ने कहा, “इस समय भारत सरकार, खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण ने जो मंच तैयार किए हैं, खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रम और मंच आने वाली पीढ़ी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं। दुर्भाग्य से हमारे समय में ये सभी कार्यक्रम नहीं थे, इसलिए शायद हमें ओलंपिक या विश्व कप पदक जीतने में थोड़ा समय लगा।”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए मंच बहुत बड़ा होगा और मुझे लगता है कि अगले चार वर्षों में भारतीय टीम ट्रैप, स्कीट के साथ-साथ राइफल और पिस्टल में भी सर्वश्रेष्ठ टीम होगी।” मेराज ने हाल ही में लोनेटो में आईएसएसएफ शॉटगन विश्व कप 2026 में ट्रैप का ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने वाली नीरू ढांडा का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि नीरू खेलो इंडिया कार्यक्रम और भोपाल अकादमी का हिस्सा रही हैं। मेराज के अनुसार, ऐसे मंच और सुविधाएं भारत की नई निशानेबाजी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे